देश की प्रमुख साइबर सुरक्षा एजेंसी भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In ने माइक्रोसॉफ्ट के प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने सभी यूजर्स के लिए उच्च-जोखिम वाली चेतावनी जारी की है। सरकार की ओर से जारी की गई इस एडवाइजरी में कहा गया है कि यह खामी माइक्रोसॉफ्ट के कई लोकप्रिय सॉफ्टवेयर जैसे Windows, Office, Dynamics, Browser, Device, Developer Tools, SQL Server, System Center, Azure और पुराने (Legacy) प्रोडक्ट्स को प्रभावित कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत काम करने वाली CERT-In के अनुसार, इन खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स आपके सिस्टम को पूरी तरह से कंट्रोल कर सकते हैं।
खामियों का कैसे फायदा उठा सकते हैं हैकर्स?
- संवेदनशील जानकारी चुरा सकते हैं।
- रिमोट कोड एक्सीक्यूशन अटैक कर सकते हैं।
- स्पूफिंग और डिनायल ऑफ सर्विस (DoS) अटैक कर सकते हैं।
- सिस्टम सेटिंग्स में बदलाव कर सकते हैं।
- किसी भी फायरवॉल को तोड़ सकते हैं।
- इन खामियों से सिस्टम हैकिंग, रैनसमवेयर हमले, डेटा चोरी, सिस्टम क्रैश की स्थिति भी पैदा हो सकती है।
माइक्रोसॉफ्ट ने यूजर्स से की अपील
माइक्रोसॉफ्ट ने उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे अपने सभी प्रोडक्ट को नए सिक्योरिटी अपडेट के साथ अपडेट करें, ताकि इन खतरों से बचा जा सके। वहीं, CERT-In ने आईटी एडमिनिस्ट्रेटर्स और सुरक्षा टीमों को सलाह दी है कि वे केवल आवश्यक खातों तक ही एडमिनिस्ट्रेटर एक्सेस सीमित करें, मजबूत ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें, नियमित बैकअप बनाए रखें, नेटवर्क और डिवाइस की गतिविधियों पर लगातार नजर रखें।
इसी के साथ, CERT-In ने गूगल क्रोम डेस्कटॉप यूजर्स के लिए भी चेतावनी जारी की है। इसमें कहा गया है कि इस खामी का फायदा उठाकर हमलावर किसी सिस्टम पर रिमोटली यानी दूर बैठे मनमाना कोड चला सकते हैं। यह खतरा उन सभी व्यक्तियों और संगठनों पर लागू होता है, जो क्रोम के डेस्कटॉप वर्जन का उपयोग कर रहे हैं।
