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WhatsApp चला रहे हैं तो तुरंत फॉलो कर लें ये 6 तरीके, कभी नहीं होगा स्कैम

वॉट्सऐप के प्लेटफॉर्म में आपको स्कैम से बचने के लिए कई तरह के टूल्स मिलते हैं। आइए आपको 6 ऐसे कारगर तरीके बताते हैं जिन्हें फॉलो करके आप इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाले ऑनलाइन फ्रॉड से बच सकते हैं।

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वॉट्सऐप अपने यूजर्स को कई तरह के शानदार सेफ्टी फीचर्स देता है।

डिजिटल वर्ल्ड में ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर क्रिमिनल्स अक्सर सरकारी अधिकारी, किसी कंपनी के कर्मचारी या आपके जानने वाले बनकर लोगों को धोखा देते हैं और उनकी निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। फर्जी OTP, नकली लिंक और तुरंत पैसे भेजने की मांग जैसे तरीकों का इस्तेमाल करके ये स्कैम असली लगते हैं। ठग लोगों की जल्दबाजी और डर का फायदा उठाकर उन्हें अपने जाल में फंसा लेते हैं।

जैसे-जैसे डिजिटल धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं वैसे-वैसे WhatsApp भी अपने यूजर्स की सेफ्टी के लिए नए नए फीचर्स ला रहा है। कंपनी अपने यूजर्स को कई तरह के एंडवांस सेफ्टी फीचर्स देती है। वॉट्सऐप के प्लेटफॉर्म में आपको स्कैम से बचने के लिए कई तरह के टूल्स मिलते हैं। आइए आपको 6 ऐसे कारगर तरीके बताते हैं जिन्हें फॉलो करके आप इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाले ऑनलाइन फ्रॉड से बच सकते हैं।

Silence Unknown Calls

'साइलेंस अननोन कॉलर्स' फीचर उन नंबरों से आने वाली स्पैम और स्कैम कॉल्स को अपने-आप साइलेंट कर देता है जो यूजर के कॉन्टैक्ट्स में सेव नहीं हैं। साइलेंस की गई कॉल्स 'कॉल्स' टैब और नोटिफिकेशन में तो दिखती हैं, लेकिन यूजर्स को सीधे तौर पर कोई रुकावट या परेशानी नहीं होती।

Context Cards

कॉन्टेक्स्ट कार्ड्स चैट और ग्रुप्स में अतिरिक्त जानकारी देते हैं, जैसे कि क्या नंबर सेव है, क्या ग्रुप्स शेयर किए गए हैं, क्या अकाउंट नया बना है, या क्या यह विदेश में रजिस्टर्ड है। ये संकेत यूजर्स को जवाब देने, ब्लॉक करने या रिपोर्ट करने के बारे में सही फैसला लेने में मदद करते हैं।

Screenshare Warnings

स्कैमर्स अक्सर सेंसिटिव डेटा चुराने के लिए वीडियो कॉल के दौरान विक्टिम्स पर स्क्रीन शेयर करने का दबाव डालते हैं। WhatsApp अब अनजान कॉन्टैक्ट्स के साथ स्क्रीन शेयर करने की कोशिश करने पर 'स्क्रीनशेयर वॉर्निंग' देता है, जिससे यूज़र्स को संभावित खतरों के बारे में पता चल जाता है।

Device linking alerts

धोखेबाज लोगों को उनके WhatsApp अकाउंट को किसी दूसरे डिवाइस से लिंक करने के लिए बहका सकते हैं। नई 'डिवाइस लिंकिंग वॉर्निंग' संदिग्ध रिक्वेस्ट की पहचान करती है, उनका सोर्स दिखाती है और आगे बढ़ने से पहले यूज़र्स को चेतावनी देती है।

Two‑step verification

आखिर में, 'टू-स्टेप वेरिफिकेशन' अकाउंट रीसेट या वेरिफ़ाई करते समय छह अंकों का PIN डालने की ज़रूरत जोड़ता है, जिससे अनधिकृत एक्सेस और अकाउंट पर कब्ज़े से सुरक्षा मिलती है।

Building trust in messaging

WhatsApp अब ऐसे फीचर्स ला रहा है जो यूजर्स को पहले से चेतावनी देते हैं और उन्हें अपने अकाउंट पर ज्यादा कंट्रोल भी देते हैं। इससे WhatsApp एक भरोसेमंद मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के रूप में और मजबूत बन रहा है। ये फीचर्स दिखाते हैं कि कंपनी यूजर्स की सुरक्षा को गंभीरता से लेती है और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि बढ़ते और नए तरह के स्कैम से लोग सुरक्षित रहें, साथ ही उनके अकाउंट का कंट्रोल हमेशा उनके अपने हाथ में रहे।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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