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पहली बार बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची भारतीय महिला टीम

  • Agency by: Agency
  • Updated Feb 17, 2024, 03:51 PM IST

Badminton Asia Team Championship: भारतीय महिला टीम ने शनिवार को यहां रोमांचक सेमीफाइनल में दो बार की पूर्व चैम्पियन जापान को 3-2 से हराकर पहली बार बैडमिंटन एशिया टीम चैम्पियनशिप के फाइनल में प्रवेश किया जिससे देश की पहला स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीदें जीवंत हैं।

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पीवी सिंधू

Photo : Twitter

भारतीय महिला टीम ने शनिवार को यहां रोमांचक सेमीफाइनल में दो बार की पूर्व चैम्पियन जापान को 3-2 से हराकर पहली बार बैडमिंटन एशिया टीम चैम्पियनशिप के फाइनल में प्रवेश किया जिससे देश की पहला स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीदें जीवंत हैं।

तृषा जॉली और गायत्री गोपीचंद की दुनिया की 23वें नंबर की जोड़ी ने पहला युगल, दुनिया की 53वें नंबर की खिलाड़ी अस्मिता चालिहा ने दूसरा एकल और 17 वर्षीय अनमोल खरब ने निर्णायक एकल जीतकर भारत को खिताबी भिड़ंत तक पहुंचाया। भारतीय महिला टीम अब रविवार को फाइनल में थाईलैंड के सामने होगी।

भारत ने 2016 और 2020 के चरण में पुरुष टीम स्पर्धा में दो कांस्य पदक जीते थे। जापान की टीम हालांकि अकाने यामागुची (दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी), युकी फुकुशिमा और सयाका हिरोटा (दुनिया की सातवें नंबर की जोड़ी) तथा मायु मातसुमोटो और वाकाना नागाहारा (दुनिया की आठवें नंबर की जोड़ी) के बिना खेल रही थी। लेकिन इसके बावजूद मजबूत टीम थी और उसने भारत के सामने कड़ी चुनौती पेश की।

चोट के कारण लंबे समय बाद वापसी कर रही पीवी सिंधू हालांकि पहले एकल में अया ओहोरी के खिलाफ जीत दर्ज नहीं कर सकी और 13-21, 20-22 से हार गयीं। तृषा और गायत्री ने पहले युगल में शानदार प्रदर्शन किया और नामी मातसुयामा और चिहारू शिडा की दुनिया की छठे नंबर की जोड़ी पर 73 मिनट में 21-17, 16-21, 22-20 की जीत से भारत को 1-1 की बराबरी पर ला दिया।

अस्मिता ने फिर पूर्व विश्व चैम्पियन नोजोमी ओकुहारा (20वीं रैंकिंग) के खिलाफ आक्रामक खेल दिखाया। इस भारतीय ने अपने क्रास शॉट और स्मैश का बखूबी इस्तेमाल कर 21-17, 21-14 से उलटफेर भरी जीत से भारत को 2-1 से आगे कर दिया। तनीषा क्रास्टो को चोट लगी है, जिससे सिंधू ने अश्विनी पोनप्पा के साथ जोड़ी बनायी लेकिन वे रेना मियायूरा और अयाको साकुरामोटो की दुनिया की 11वें नंबर की जोड़ी की बाधा पार नहीं कर सकी और 43 मिनट में 14-21 11-21 से हार गयीं।

अब दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर थीं। अनमोल को दुनिया की 29वें की खिलाड़ी नातसुकी निडायरा को हराने की जिम्मेदारी सौंपी गयी और इस भारतीय ने भी उम्मीदों के अनुरूप 52 मिनट में 21-14, 21-18 से जीत दर्ज कर भारत को पहली बार फाइनल में पहुंचाया। पूर्व भारतीय कोच विमल कुमार मलेशिया में टीम के साथ हैं, उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘हमारी लड़कियां कमाल कर रही हैं, आज उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसमें काफी श्रेय गायत्री और तृषा को और अस्मिता को भी दूंगा जिन्होंने अपने मुकाबले जीते। अस्मिता ने ओकुहारा को पराजित किया जो अद्भुत प्रदर्शन है। उसने अपना खेल एक अलग स्तर पर पहुंचा दिया। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘युवा खिलाड़ी अनमोल ने भी दिखाया कि हम आगे उस पर निर्भर हो सकते हैं। जब आप टीम चैम्पियनशिप में अच्छा करते हो तो इससे दिखता है कि आप दबाव से निपट सकते हो। मैं उससे काफी प्रभावित हूं। यह भारतीय बैडमिंटन के लिए विशेष पल है। ’’

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