स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। जापान के गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में पूल-B के मैच में थाईलैंड को 20-1 से बुरी तरह हराकर भारत ने महिला हॉकी में अपना दबदबा कायम रखा। इस शानदार जीत में दीपिका ने 9 गोल किए। फॉरवर्ड और ड्रैग-फ्लिक स्पेशलिस्ट दीपिका ने अपने सभी 9 गोल पेनल्टी कॉर्नर से किए और भारत ने टूर्नामेंट में लगातार तीसरी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम पूल-बी के प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर बनी हुई है।
दीपिका मैच की स्टार रहीं और उन्होंने बेहतरीन व्यक्तिगत प्रदर्शन करते हुए नौ गोल किए। सभी नौ गोल पेनल्टी कॉर्नर से हुए। दीपिका ने बार-बार थाईलैंड के डिफेंस को छकाया और भारत ने मैच पर अपना दबदबा बनाए रखा। नवनीत कौर ने चार गोल किए, जबकि रुतुजा ने अपनी हैट्रिक पूरी की। नेहा, लालरेम्सियामी, साक्षी राणा और कप्तान सलीमा टेटे ने भी गोल किए और भारत ने पूरे मैच के दौरान दबाव बनाए रखा। थाईलैंड चौथे क्वार्टर के आखिर में ही गोल करने में कामयाब हो पाया।
सुपांसा ने दागा एकमात्र गोल
सुपांसा समंसो ने पेनल्टी कॉर्नर से ड्रैग-फ्लिक के जरिए थाईलैंड का एकमात्र गोल किया। उनकी शॉट थोड़ी सी दिशा बदलकर भारतीय गोल में चली गई। यह एकमात्र मौका था जब थाईलैंड भारतीय डिफेंस को भेदने में सफल रहा। भारत ने अपने अभियान की शुरुआत उज्बेकिस्तान पर 19-0 की जीत के साथ की थी और उसके बाद इंडोनेशिया को 17-1 से हराया था।
दीपिका ने लगाई हैट्रिक
दीपिका ने इंडोनेशिया के खिलाफ भी हैट्रिक लगाई थी, जबकि उस मैच में रुतुजा और नवनीत ने भी तीन-तीन गोल किए थे। सुनीलिता टोप्पो, लालरेम्सियामी और साक्षी ने दो-दो गोल किए, जबकि इशिका और सलीमा ने भी गोल किए। इंडोनेशिया के खिलाफ भारत को जमने में थोड़ा समय लगा, लेकिन लगातार चार पेनल्टी कॉर्नर मिलने के बाद आठवें मिनट में दीपिका ने गोल करके गतिरोध तोड़ा। थाईलैंड के खिलाफ दीपिका ने एक बार फिर दिखाया कि वह भारत के पेनल्टी-कॉर्नर अटैक का इतना अहम हिस्सा क्यों हैं।
1982 के बाद हॉकी में मेडल की आस
भारत का अगला मुकाबला शुक्रवार को जापान से होगा, जिसमें टीम नॉकआउट स्टेज से पहले अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेगी। भारतीय टीम 2023 हांग्जो एशियाई खेलों में जीते गए ब्रॉन्ज मेडल से बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश कर रही है। वे 1982 के बाद से महिला हॉकी में अपना पहला एशियाई खेल गोल्ड मेडल जीतने की भी कोशिश कर रहे हैं। 1982 में भारत ने घरेलू जमीन पर हुए खेलों में पहला महिला हॉकी खिताब जीता था। शुरुआती मैचों में लगातार तीन जीत और 56 गोल के साथ, भारत ने पूल B में अपने अभियान की मजबूत शुरुआत की है।
