योग को हम हजारों साल से सेहत और शांति के लिए जानते हैं। बड़े-बड़े गुरु इसे सिखाते आए हैं। लेकिन अब योग सिर्फ साधना नहीं रहेगा। अगले 10 साल में ये दुनिया का एक बड़ा खेल 'योगासन' बन जाएगा। सबसे बड़ी प्लानिंग है 2036 ओलंपिक में योगासन को मेडल वाला खेल बनाना। भारत 2036 ओलंपिक अहमदाबाद में कराना चाहता है। अगर ऐसा हुआ तो अपने घर में योगासन से मेडल जीतने का मौका मिलेगा। ओलंपिक का नारा है 'तेज, ऊंचा, मजबूत'। लेकिन योगासन इसमें 'ठहराव और संतुलन' जोड़ देगा। यानी सिर्फ भागना-कूदना नहीं, शरीर और मन को काबू में रखना भी खेल होगा।
विश्व योगासन के उपाध्यक्ष का बयान
विश्व योगासन के उपाध्यक्ष उदित शेठ ने कहा, "हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि 2036 में योगासन मेडल वाला खेल बने। ओलंपिक चाहे टिम्बकटू में भी हो, योगासन वहां होगा।" टिम्बकटू माली देश का एक पुराना शहर है। शेठ ने मजाक में इसका नाम लिया। योगासन को खेल के तौर पर दुनिया धीरे-धीरे मान रही है। इस साल होने वाले एशियाई खेलों में योगासन को 'प्रदर्शनी खेल' के रूप में रखा गया है। यानी अभी मेडल नहीं मिलेगा, लेकिन दुनिया देखेगी। इसके बाद अगला टारगेट है 2032 ओलंपिक। वहां भी पहले प्रदर्शनी खेल के तौर पर योगासन को शामिल कराना है। एक-एक कदम आगे बढ़ रहे हैं। भारत सरकार भी योगासन को बढ़ावा दे रही है। इसी वजह से 4 से 8 जून तक अहमदाबाद में पहली योगासन वर्ल्ड चैंपियनशिप हो रही है। इसमें 75 देश हिस्सा लेंगे। इतने बड़े लेवल पर पहली बार होगा।
भारत करेगा 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी
भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भी मिल गई है। वहां योगासन को दो भारतीय खेलों में से एक के रूप में रखने का प्रस्ताव दिया गया है। अगर ऐसा होता है तो कॉमनवेल्थ में भी मेडल मिलेंगे।अभी योगासन से 40 देश जुड़े हैं। लेकिन ओलंपिक में शामिल होने के लिए आईओसी का नियम है कि कम से कम 3 महाद्वीपों के 50 देश सदस्य होने चाहिए। उदित शेठ को भरोसा है कि ये संख्या जल्दी पूरी हो जाएगी। अब योग सिर्फ सुबह पार्क में करने वाली चीज नहीं है। ये एक प्रोफेशनल खेल बन रहा है। खिलाड़ी प्रैक्टिस करेंगे, कंपटीशन होगा, जज नंबर देंगे और मेडल मिलेगा। भारत के लिए ये गर्व की बात है कि हमारी पुरानी विद्या दुनिया का नया खेल बन रही है।
