मेलबर्न: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार से मेलबर्न में शुरू हुए सीरीज के चौथे टेस्ट मैच का पहला दिन गहमागहमी भरा रहा। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और धाकड़ बल्लेबाज विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया के डेब्यूटेंट सलामी बल्लेबाज सैम कोंस्टास से मैदान पर भिड़ गए थे। जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा है। विराट कोहली ने पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद अपनी गलती स्वीकार कर ली है। ऐसे में उनके ऊपर 20 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही उनके खाते में एक डिमैरिट अंक भी जोड़ा गया है।
10वें ओवर के बाद हुआ वाकया
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई पारी के 10वें ओवर में विराट और कोनस्टास आपस में भिड़े। 10वें ओवर के समाप्त होने के बाद जब विराट और कोन्सटास पास से गुजर रहे थे तब विराट कोहली का कंधा कोन्सटास के कंधे से टकरा गया। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच थोड़ी बहस हुई। विराट गुस्से में दिखे और कोंस्टास की ओर वापस जाने लगे ऐसे में दूसरे सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने बीच-बचाव किया और मामला शांत हो गया।
कोंस्टास ने खेली 65 गेंद पर 60 रन की पारी
19 वर्षीय कोंस्टास ने अपने टेस्ट डेब्यू पर महज़ 52 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया। कोहली के साथ जब उनका टकराव हुआ तब वह 38 गेंदों पर 27 रन बनाकर खेल रहे थे। जसप्रीत बुमराह की गेंद पर कुछ दर्शनीय स्कूप और रैंप शॉट खेलते हुए कॉन्स्टास ने छह चौके और दो छक्के की मदद से 65 गेंदों पर 60 रन बनाए। लंच ब्रेक से पहले वह रवींद्र जडेजा का शिकार बने।
आईसीसी की आचार संहिता की धारा 2.12 का किया उल्लंघन
आईसीसी ने विराट कोहली के खिलाफ इस मामले पर कड़ी कार्रवाई करते हुए मैच फीस के 20 प्रतिशत का जुर्माना लगाया है। आचारसंहिता की धारा 2.12 के उल्लंघन का विराट कोहली दोषी माना गया है। इसके साथ ही उनके खाते में 1 डिमैरिट अंक भी जोड़ा गया है। पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद विराट कोहली ने अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया। इस वजह से आधिकारिक तौर पर सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। आचार संहिता की धारा 2.12 मैच के दौरान विराधी खिलाड़ी से अनावश्यक रूप से शारीरिक भिड़ंत से संबंधित है।
रवि शास्त्री ने भी बताया भिड़ंत को अनावश्यक
टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने भी इस भिड़त को अनावश्यक बताया है। उन्होंने कहा, वो इस मामले में विराट कोहली के साथ नहीं है। ये भिड़ंत अनावश्यक थी। कुछ सीमाएं होती हैं जिन्हें आप कभी नहीं लांघना चाहेंगे।
