Shiva The Adiyogi Animated Film: सावन के पावन महीने में शिव भक्तों के लिए एक खास खबर सामने आई है। सद्गुरु ने एनिमेशन फीचर फिल्म ‘शिव - द आदियोगी’ की घोषणा की है। फिल्म योग परंपरा में शिव के आदियोगी स्वरूप और योग की शुरुआत से जुड़ी कथाओं को बड़े पर्दे पर पेश करेगी। इसे दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी है और फिल्म की रिलीज 2027 में प्रस्तावित है।
‘द लीजेंड ऑफ हनुमान’ बनाने वाले स्टूडियो के साथ पार्टनरशिप
24 अगस्त को इस प्रोजेक्ट से जुड़ी अहम घोषणा की गई। सद्गुरु जग्गी वासुदेव की संस्था ने ग्राफिक इंडिया के साथ साझेदारी की है। यही स्टूडियो लोकप्रिय एनिमेशन फ्रैंचाइजी ‘द लीजेंड ऑफ हनुमान’ के निर्माण के लिए जाना जाता है। इस साझेदारी के तहत ‘शिव - द आदियोगी’ को एक बड़े स्तर की एनिमेशन फीचर फिल्म के तौर पर विकसित किया जाएगा।
फिल्म का आधार सद्गुरु द्वारा बताई गई योग से जुड़ी कथाएं होंगी। कहानी में योग की शुरुआत और शिव के आदियोगी स्वरूप को आधुनिक एनिमेशन और सिनेमाई कहानी कहने के अंदाज में पेश करने की कोशिश की जाएगी। फिल्म को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि इसकी कहानी सिर्फ भारतीय दर्शकों तक सीमित न रहे, बल्कि अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के दर्शकों तक भी पहुंच सके।
शिव को क्यों कहा जाता है आदियोगी
फिल्म का केंद्र शिव का आदियोगी स्वरूप है। योग परंपरा में शिव को प्रथम योगी और योग का स्रोत माना जाता है। सद्गुरु के अनुसार योग संस्कृति में शिव को केवल भगवान के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि उन्हें आदियोगी यानी पहले योगी और आदिगुरु यानी पहले गुरु के रूप में समझा जाता है।
सद्गुरु ने शिव के इसी स्वरूप को समझाते हुए बताया कि आदियोगी ने मानवता के सामने यह विचार रखा कि प्रकृति के सामान्य नियम स्थायी सीमाएं नहीं हैं। प्रयास करने की क्षमता के जरिए मनुष्य अपनी सीमाओं से आगे बढ़ सकता है। इसी विचार को फिल्म की कहानी में प्रमुख आधार बनाया जाएगा।
शिव और योग की कहानी को दिखाएगी फिल्म
‘शिव - द आदियोगी’ का मकसद केवल शिव की धार्मिक कथा को एनिमेशन में दिखाना नहीं है। फिल्म योग की शुरुआत और आदियोगी के रूप में शिव की भूमिका को एक सिनेमाई अनुभव के तौर पर पेश करेगी। फिल्म में अत्याधुनिक एनिमेशन और सिनेमाई कहानी कहने की शैली का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए आदियोगी की कहानी को बड़े ग्लोबल इवेंट वाली फिल्म के स्तर पर दर्शकों तक पहुंचाने की योजना है। इसके साथ ही कहानी की भावनात्मक गहराई को बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।
शरद देवराजन होंगे प्रोड्यूसर
फिल्म के प्रोडक्शन से जुड़े प्रमुख नामों में शरद देवराजन भी शामिल हैं। वह ग्राफिक इंडिया के सह-संस्थापक हैं और इस फिल्म के प्रोड्यूसर, को-क्रिएटर और राइटर की भूमिका निभाएंगे। देवराजन भारतीय एनिमेशन और कैरेक्टर एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे हैं। वह ‘द लीजेंड ऑफ हनुमान’ के को-क्रिएटर हैं। इसके अलावा वह ‘बाहुबली: द लॉस्ट लेजेंड्स’ और ‘बाहुबली: क्राउन ऑफ ब्लड’ जैसे प्रोजेक्ट्स के लेखक और को-क्रिएटर भी रहे हैं। भारतीय स्पाइडर-मैन कैरेक्टर पवित्र प्रभाकर के निर्माण में भी उनकी भूमिका रही है।
ग्लोबल दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी
फिल्म को केवल भारतीय दर्शकों को ध्यान में रखकर नहीं बनाया जा रहा है। प्रोजेक्ट का उद्देश्य भारत की आध्यात्मिक और योग विरासत से जुड़े इस महत्वपूर्ण पहलू को अलग-अलग पीढ़ियों और संस्कृतियों के दर्शकों तक पहुंचाना है। इसके लिए कहानी को बड़े पैमाने के एनिमेशन और ग्लोबल सिनेमा के अनुरूप प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है।
इस प्रोजेक्ट की खासियत यह भी है कि इसमें भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और आधुनिक एनिमेशन तकनीक को एक साथ लाने की कोशिश की जा रही है। आदियोगी की कथा को ऐसे विजुअल फॉर्म में पेश करने का प्रयास होगा, जिससे युवा दर्शक भी इससे जुड़ सकें और दुनिया के दूसरे हिस्सों के दर्शकों को भी योग परंपरा के इस पहलू को समझने का मौका मिले।
2027 में सिनेमाघरों में आएगी फिल्म
‘शिव - द आदियोगी’ अभी डेवलपमेंट स्टेज में है। फिल्म का निर्माण ग्राफिक इंडिया का अवॉर्ड-विनिंग एनिमेशन स्टूडियो कर रहा है। इसे 2027 में दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना है। हालांकि अभी फिल्म की सटीक रिलीज डेट की घोषणा नहीं की गई है। सावन के दौरान हुई इस घोषणा को शिव भक्तों के लिए खास तोहफे के तौर पर देखा जा सकता है। खासकर उन दर्शकों के लिए जो शिव, योग और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ी कहानियों को बड़े पर्दे पर नए अंदाज में देखना चाहते हैं।
क्यों खास है ‘शिव - द आदियोगी’
‘शिव - द आदियोगी’ की खासियत इसका विषय और इसे पेश करने का तरीका दोनों हैं। एक तरफ फिल्म का आधार योग से जुड़ी कथाएं हैं, वहीं दूसरी तरफ इसे बड़े स्तर की एनिमेशन फीचर फिल्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। फिल्म का लक्ष्य आदियोगी की कहानी को नई पीढ़ी और अलग-अलग संस्कृतियों के दर्शकों तक पहुंचाना है। अगर प्रोजेक्ट अपनी योजना के मुताबिक 2027 में ग्लोबल थिएटर रिलीज हासिल करता है, तो भारतीय योग और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ी कथा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिनेमाई रूप में पेश करने वाली यह एक महत्वपूर्ण पहल बन सकती है।
