वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल नॉकआउट मैच में अब तक की सबसे शानदार पारियों में से एक खेली। हालांकि, ऐतिहासिक शतक से सिर्फ तीन रन दूर रहने के बाद इस युवा बल्लेबाज का दर्द छलक पड़ा। वह मायूस होकर पवेलियन लौटे। पवेलियन लौटे समय वैभव सूर्यवंशी भावुक दिखाई दिए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
मुल्लांपुर में सनराइज़र्स हैदराबाद के खिलाफ IPL 2026 एलिमिनेटर में राजस्थान रॉयल्स के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एसआरएच के गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर दिया। वैभव ने पहले 16 गेंद पर फिफ्टी पूरी की। इसके बाद 29 गेंद पर शानदार 97 रन बनाए। इस पारी में 12 छक्कों की जबरदस्त बौछार शामिल थी और इसने उन्हें IPL के सबसे तेज शतक के क्रिस गेल के सर्वकालिक रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब पहुंचा दिया था।
आउट होने के बाद निराश दिखे वैभव
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए 2013 में गेल का 30 गेंदों पर बनाया गया ऐतिहासिक शतक अभी भी IPL के इतिहास में सबसे तेज शतक बना हुआ है, जबकि सूर्यवंशी 97 रन पर आउट होकर इसे तोड़ने से बस जरा सा चूक गए। इस युवा ओपनर के नाम पहले से ही किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा IPL के सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड है। साथ ही किसी भारतीय द्वारा IPL के दूसरे और तीसरे सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड भी है।
हालांकि, एक बार फिर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने के बावजूद यह युवा उस उपलब्धि से चूकने के बाद बेहद दुखी दिखाई दिया। जब वह पवेलियन की ओर लौट रहे थे तो उनके चेहरे पर साफ निराशा देखी जा सकती थी और कैमरों ने तो उनकी आंखों में आंसू भी कैद कर लिए। निडर बल्लेबाजी और पूरी तरह से दबदबे से भरी एक पारी के बीच यह एक दुर्लभ भावुक पल था। सूर्यवंशी ने गेल के 2012 के IPL सीजन के 59 छक्कों के 14 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया है और अब एक ही IPL सीजन में सबसे ज्यादा 65 छक्के लगाने का रिकॉर्ड उनके नाम है।
सुरेश रैना के रिकॉर्ड की बराबरी की
इस पारी के दौरान सूर्यवंशी ने आईपीएल प्लेऑफ के इतिहास में सबसे तेज फिफ्टी लगाने के सुरेश रैना के शानदार रिकॉर्ड की भी बराबरी की। उन्होंने सिर्फ 16 गेंद में यह मुकाम हासिल कर लिया। उनका 97 रनों का स्कोर अब IPL प्लेऑफ मैच में राजस्थान रॉयल्स के किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। इससे पहले साल 2022 में क्वालीफायर-2 में आरसीबी के खिलाफ जोस बटलर ने नाबाद 106 रन की पारी खेली थी।
फिर भी, तमाम रिकॉर्ड और तारीफों के बावजूद फैंस के जहन में जो तस्वीर सबसे लंबे समय तक शायद बनी रहेगी। वह स्टैंड्स में उड़ते छक्कों की नहीं, बल्कि एक 15 साल के होनहार खिलाड़ी की होगी, जो शायद IPL के इतिहास की सबसे बेहतरीन पारी खेलने के बेहद करीब पहुंचने के बाद निराश होकर मैदान से बाहर जा रहा था।
