अध्यात्म

Aaj Ka Panchang : पितृपक्ष की तृतीया तिथि आज, पंचांग से जानिए आज का राहुकाल, शुभ मुहूर्त और तृतीया श्राद्ध का सही समय

आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) 29 September 2026 : आज 29 सितंबर का दिन सभी 12 राशि वालों के लिए कैसा रहेगा। इसकी जानकारी आप राशिफल से कर सकते हैं।

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29 सितंबर का पंचांग

आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) 29 September 2026 : आज 29 सितंबर 2026, मंगलवार है और कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि शाम 07:13 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि शुरू होगी। सुबह 10:16 बजे तक रेवती नक्षत्र रहेगा, इसके बाद अश्विनी नक्षत्र शुरू होगा। आज ध्रुव योग सुबह 08:54 बजे तक रहेगा, फिर व्याघात योग शुरू होगा। पंचांग के अनुसार आज गण्ड मूल पूरे दिन रहेगा और सुबह 06:12 बजे से 10:16 बजे तक पंचक भी रहेगा।

सूर्योदय एवं चन्द्रोदय (Sunrise and Moonrise)

  • सूर्योदय: सुबह 06:12 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 06:11 बजे
  • चन्द्रोदय: शाम 07:04 बजे
  • चन्द्रास्त: सुबह 07:35 बजे

तिथि, नक्षत्र और योग (Tithi, Nakshatra and Yog)

  • कृष्ण पक्ष द्वितीया: शाम 07:13 बजे तक
  • इसके बाद कृष्ण पक्ष तृतीया शुरू होगी।

नक्षत्र

  • रेवती नक्षत्र: सुबह 10:16 बजे तक
  • इसके बाद अश्विनी नक्षत्र शुरू होगा।

योग

  • ध्रुव योग: सुबह 08:54 बजे तक
  • इसके बाद व्याघात योग: अगले दिन सुबह 06:13 बजे तक

करण (Karan)

  • तैतिल करण: सुबह 08:08 बजे तक
  • गर करण: शाम 07:13 बजे तक
  • इसके बाद वणिज करण रहेगा।

वार एवं पक्ष (Day and Paksha)

  • वार: मंगलवार
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष

चन्द्र मास, सम्वत (Lunar Month and Samvat)

  • विक्रम संवत: 2083 सिद्धार्थी
  • शक संवत: 1948 पराभव
  • गुजराती संवत: 2082 पिङ्गल
  • चन्द्र मास: आश्विन, पूर्णिमान्त
  • अमान्त मास: भाद्रपद
  • प्रविष्टे/गते: 12

राशि तथा नक्षत्र (Rashi and Nakshatra)

  • चन्द्र राशि: मीन, सुबह 10:16 बजे तक
  • इसके बाद चन्द्रमा मेष राशि में प्रवेश करेंगे।
  • सूर्य राशि: कन्या
  • सूर्य नक्षत्र: हस्त

नक्षत्र पद

  • रेवती का चतुर्थ पद: सुबह 10:16 बजे तक
  • अश्विनी का प्रथम पद: सुबह 03:59 बजे तक
  • अश्विनी का द्वितीय पद: रात 09:41 बजे तक
  • अश्विनी का तृतीय पद: अगले दिन सुबह 03:23 बजे तक
  • इसके बाद अश्विनी का चतुर्थ पद रहेगा।

ऋतु तथा अयन (Season and Ayana)

  • द्रिक ऋतु: शरद
  • वैदिक ऋतु: वर्षा
  • द्रिक अयन: दक्षिणायण
  • वैदिक अयन: दक्षिणायण
  • दिनमान: 11 घंटे 58 मिनट 27 सेकंड
  • रात्रिमान: 12 घंटे 02 मिनट 03 सेकंड
  • मध्याह्न: दोपहर 12:12 बजे

29 सितंबर के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:36 से 05:24 बजे तक
  • प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:00 से 06:12 बजे तक
  • अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:48 से दोपहर 12:36 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:11 से 02:59 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:11 से 06:35 बजे तक
  • सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:11 से 07:23 बजे तक
  • अमृत काल: सुबह 07:57 से 09:29 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त: रात 11:48 बजे से 12:36 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त: रात 02:13 से 03:44 बजे तक

29 सितंबर के अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings)

  • राहुकाल: सुबह 07:42 से 09:12 बजे तक
  • यमगण्ड: सुबह 10:42 से दोपहर 12:12 बजे तक
  • गुलिक काल: दोपहर 01:41 से 03:11 बजे तक
  • आडल योग: सुबह 06:12 से 10:16 बजे तक
  • विडाल योग: सुबह 10:16 बजे से अगले दिन सुबह 06:13 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:36 से 01:23 बजे तक
  • वर्ज्य: सुबह 05:15 से 06:46 बजे तक और दोपहर 02:59 से 03:47 बजे तक
  • गण्ड मूल: पूरे दिन
  • पंचक: सुबह 06:12 से 10:16 बजे तक
  • बाण: मृत्यु दोपहर 01:53 बजे तक, इसके बाद अग्नि बाण पूरी रात रहेगा।

आनन्दादि एवं तमिल योग (Anandadi and Tamil Yog)

  • आनन्दादि योग: मातङ्ग सुबह 10:16 बजे तक, इसके बाद राक्षस
  • तमिल योग: अमृत सुबह 10:16 बजे तक, इसके बाद मरण
  • जीवनम: पूर्ण जीवन
  • नेत्रम: दो नेत्र

निवास और शूल (Nivas and Shool)

  • होमाहुति: चन्द्र सुबह 10:16 बजे तक, इसके बाद मंगल
  • दिशा शूल: पूर्व
  • चन्द्र वास: उत्तर सुबह 10:16 बजे तक, इसके बाद पूर्व
  • अग्निवास: पृथ्वी शाम 07:13 बजे तक, इसके बाद आकाश
  • राहु वास: उत्तर-पश्चिम
  • शिववास: सभा में शाम 07:13 बजे तक, इसके बाद क्रीड़ा में
  • कुम्भ चक्र: उत्तर
डिस्क्लेमर: यह जानकारी दिए गए पंचांग के आधार पर तैयार की गई है। अलग-अलग क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार तिथि एवं समय में मामूली अंतर संभव है।
Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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