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सूर्यकुमार यादव को पढ़ाई में कभी नहीं मिले अच्छे नंबर, लेकिन क्रिकेट में हासिल कर लिया 80 प्रतिशत अंक

Suryakumar Yadav: सूर्यकुमार ने 2024 में टी20 कप्तान का पद संभालने के बाद लगातार सफलता हासिल की। उनकी अगुवाई में भारत ने अभी तक जो 52 मैच खेले हैं उनमें से 42 मैच में उसे जीत मिली है। सूर्यकुमार का भारतीय कप्तान के रूप में जीत का रिकॉर्ड 80 प्रतिशत है।

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सूर्यकुमार यादव (फोटो साभार- BCCI)

Suryakumar Yadav: सूर्यकुमार यादव को भले ही पढ़ाई में बहुत अधिक सफलता नहीं मिली लेकिन क्रिकेट के मैदान पर उन्होंने आखिरकार 80 प्रतिशत अंक हासिल कर लिए हैं। सूर्यकुमार की अगुवाई में भारत ने हाल में टी20 विश्व कप खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। इस जीत का भरपूर आनंद ले रहे सूर्यकुमार का भारतीय कप्तान के रूप में जीत का रिकॉर्ड 80 प्रतिशत है। मुंबई के रहने वाले सूर्यकुमार स्वाभाविक रूप से अपने इन आंकड़ों से बेहद खुश थे, क्योंकि शिक्षा ग्रहण करते समय वह कभी इतने अधिक नंबर लेकर नहीं आए थे।

कप्तान के रूप में 52 में से 42 मैच जीते

सूर्यकुमार ने 2024 में टी20 कप्तान का पद संभालने के बाद लगातार सफलता हासिल की। उनकी अगुवाई में भारत ने अभी तक जो 52 मैच खेले हैं उनमें से 42 मैच में उसे जीत मिली है। सूर्यकुमार ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा, 'मुझे लगता है कि स्कूल और कॉलेज में मैंने जो प्रतिशत हासिल करने की कोशिश की वह अब मुझे क्रिकेट में मिल रही है।' उन्होंने कहा, 'स्कूल या कॉलेज में मैं कभी 50-60 प्रतिशत का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। लेकिन क्रिकेट में जीत की दर 80 प्रतिशत सुनकर वास्तव में बहुत अच्छा लग रहा है। मैं वैसे आंकड़ों पर बहुत ज्यादा गौर नहीं करता हूं लेकिन किसी को भी किसी भी खेल में हारना पसंद नहीं होता और मुझे भी जीतना पसंद है।'

पढ़ाई में नहीं थी कोई दिलचस्पी

सूर्यकुमार के पिता अशोक कुमार यादव भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। लेकिन सूर्यकुमार का कभी पढ़ाई लिखाई में मन नहीं लगा और उनके परिवार ने क्रिकेट में उनके सपनों को साकार करने के लिए पूरा सहयोग दिया। उन्होंने कहा, 'मेरे परिवार ने मुझे पढ़ाई में अच्छा करने के लिए बहुत प्रेरित किया लेकिन कुछ समय बाद ही उन्हें समझ में आ गया कि इस लड़के को पढ़ाई में कोई दिलचस्पी नहीं है। यह लड़का उनके हाथ नहीं आएगा।' सूर्यकुमार ने कहा, 'लेकिन उन्होंने खेल में मेरा हमेशा समर्थन किया क्योंकि उन्होंने पाया कि इसमें मुझे पूरा आनंद आ रहा है और मुझे खेलना पसंद है। इसलिए उन्होंने कहा, 'ठीक है, जाओ खेलो। अगर कुछ हासिल नहीं होता है तो फिर ख्याल रखने के लिए हम तो हैं ही।' हमेशा मुस्कुराते रहने वाले इस दिग्गज बल्लेबाज ने हालांकि ऐसी नौबत नहीं आने दी जिससे कि उन्हें 'प्लान बी' का सहारा लेना पड़े।

इनपुट- भाषा

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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