सौरव गांगुली की जगह भारत की 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रोजर बिन्नी का बीसीसीआई अध्यक्ष बनना तय है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड की सालाना आम बैठक (एजीएम) अगले हफ्ते होगी, जिसके बाद बिन्नी बीसीसीआई की कमान संभाल सकते हैं। 67 वर्षीय बिन्नी बोर्ड के 36वें अध्यक्ष होंगे। टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने बिन्नी के अध्यक्ष बनने की संभावना पर खुशी का इजहार किया है। बता दें कि शास्त्री और बिन्नी विश्व कप कप विजेता टीम के साथी हैं। शास्त्री का कोच के रूप में पिछले साल टी20 विश्व कप के बाद कार्यकाल समाप्त हो गया था।
शास्त्री ने मुंबई प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, 'मैं खुश हूं कि बिन्नी अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। वह विश्व कप में मेरे साथी थे। उनके अध्यक्ष बनने में निरंतरता है। दरअसल, वह कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के अध्यक्ष थे और अब बीसीसीआई के अध्यक्ष बनने की राह पर हैं। मैं बेहद खुश हूं क्योंकि वह विश्व कप विजेता है। बीसीसीआई के इतिहास में पहली बार कोई विश्व कप विजेता खिलाड़ी अध्यक्ष बनेगा। उनकी साख पर कोई धब्बा नहीं है। उनके पास इस पद पर आने के लिए सभी योग्यताएं हैं।'
उन्होंने कहा, 'बिन्नी बहुत ही मिलनसार शख्स हैं। उनकी अपनी सोच है। वह महत्वपूर्ण चीजों के प्रति बेपरवाह नहीं हैं। वह जब बोलेंगे तो मुझे यकीन है कि उन्हें सुना जाएगा, खासकर क्रिकेट के मामलों पर। शास्त्री के अनुसार, रोजर बिन्नी के लिए सबसे बड़ा काम मैदानों की स्थितियों में सुधार करके भारतीय क्रिकेट को दर्शक फ्रेंडली बनाना होगा।
शास्त्री ने कहा, 'एक क्षेत्र जिसपर बिन्नी को देखना चाहिए और भारतीय क्रिकेट को गौर करना चाहिए कि क्रिकेट को दर्शक फ्रेंडली बनाएं। ऐसे में मेरी नजर में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैदान पर सुविधाओं को बड़े पैमाने पर अपग्रेड किया जाना चाहिए। इस बात पर जोर दिया जाना चाहिए कि जो लोग मैदान में आते हैं, उन्हें बेहतरीन सुविधाएं मिलें। अगर ऐसा होता है तो खेल की लोकप्रियता और भी बढ़ेगी।'
