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धोनी या संगकारा नहीं, इस 38 वर्षीय खिलाड़ी को अपना आईडल मानते हैं संजू सैमसन

  • Agency by: Agency
  • Updated Aug 10, 2025, 02:37 PM IST

Sanju Samson Idol: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी संजू सैमसन का रविचंद्रन अश्विन के साथ एक पॉडकास्ट जमकर वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने अपने आईडल का खुलासा किया है जिसमें उन्होंने एमएस धोनी या फिर संगकारा नहीं 38 वर्षीय खिलाड़ी का नाम लिया है।

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संजू सैमसन (फोटो- AP)

Sanju Samson Idol: आज के दौर में अधिकांश विकेटकीपर बल्लेबाज एमएस धोनी और एडम गिलक्रिस्ट को अपना आदर्श मानते हैं, लेकिन राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन ने एक अलग ही नाम लिया। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज रविचंद्रन अश्विन के यूट्यूब शो "कुट्टी स्टोरीज़ विद ऐश" के दौरान जब उनसे उनके ऑल-टाइम क्रिकेटिंग आइडल के बारे में पूछा गया, तो सैमसन ने भारतीय वनडे कप्तान रोहित शर्मा का नाम लिया। इस जवाब ने अश्विन को भी चौंका दिया।

आधुनिक क्रिकेट में पसंदीदा खिलाड़ी

अश्विन ने सैमसन से पूछा कि मौजूदा दौर में ऐसा कौन सा खिलाड़ी है, जिसे वह खेलते हुए देखना पसंद करते हैं। इस पर सैमसन ने एक चौंकाने वाला नाम लिया—14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी। यह वही युवा खिलाड़ी हैं, जिनके साथ सैमसन ने आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स की ड्रेसिंग रूम साझा की थी।

रोहित शर्मा के साथ संजू सैमसन का खास रिश्ता

यह पहली बार नहीं है जब सैमसन ने रोहित शर्मा के प्रति अपना सम्मान और लगाव जाहिर किया हो। पिछले साल उन्होंने एक किस्सा साझा किया था, जिसमें बताया कि कैसे वह टी20 विश्व कप 2024 के फाइनल में खेलने का मौका गंवा बैठे, लेकिन उसी पल रोहित ने उनका दिल जीत लिया।

विश्व कप फाइनल का किस्सा

सैमसन ने बताया, “मेरे पास फाइनल खेलने का मौका था। मुझे कहा गया था कि तैयार रहो। मैं तैयार था, लेकिन टॉस से पहले तय कर लिया गया कि टीम में कोई बदलाव नहीं होगा। मैं शांत था, लेकिन तभी वॉर्म-अप के दौरान रोहित मेरे पास आए और निर्णय के पीछे का कारण समझाने लगे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में पूछा, ‘तुम समझ गए न?’ मैंने कहा, ‘पहले मैच जीत लो, फिर बात करते हैं।’ थोड़ी देर बाद वह फिर आए और बोले, ‘मुझे लगता है तुम मन ही मन मुझे कोस रहे हो।’ फिर हमने खुलकर बातचीत की।”

नेतृत्व के असली मायने

सैमसन ने आगे कहा, “मुझे लगा कि इतने बड़े मैच से पहले, वह उन खिलाड़ियों के बारे में सोचेंगे जो खेल रहे हैं, लेकिन उन्होंने 10 मिनट मुझे दिए, जबकि मैं प्लेइंग XI में नहीं था। यह बात मेरे दिल को छू गई। उस दिन मैंने समझा कि उनमें एक कप्तान से बढ़कर इंसानियत है। उन्होंने मेरे दिल में आजीवन जगह बना ली।”

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