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जो रूट ने सचिन तेंदुलकर की तारीफों के बांधे पुल, कहा- मैं इसे नजरअंदाज नहीं कर सकता

इंग्लैंड के महान खिलाड़ी जो रूट ने सचिन तेंदुलकर की जमकर तारीफ की और उनकी लंबी पारी और उपलब्धियों की सराहना की। रूट ने कहा कि उनसे अक्सर सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ने के बारे में पूछा जाता है और उनका कहना है कि इस चर्चा में शामिल होना भी उनके लिए सम्मान की बात है।

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जो रूट ने की सचिन तेंदुलकर की तारीख

इंग्लैंड के महान खिलाड़ी जो रूट ने सचिन तेंदुलकर की जमकर तारीफ की और उनकी लंबी पारी और उपलब्धियों की सराहना की। रूट टेस्ट क्रिकेट में तेंदुलकर के सर्वोच्च रनों के विश्व रिकॉर्ड का पीछा कर रहे हैं। वह मास्टर ब्लास्टर के 15921 रनों से 1978 रन पीछे हैं और कुछ अच्छे सीजनों के बाद वह इस दिग्गज खिलाड़ी का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।

रूट ने कहा कि उनसे अक्सर सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ने के बारे में पूछा जाता है और उनका कहना है कि इस चर्चा में शामिल होना भी उनके लिए सम्मान की बात है। रूट ने द एथलेटिक से बात करते हुए कहा, 'खैर, मुझसे यह सवाल इतनी बार पूछा जा चुका है कि मैं कोशिश करने पर भी इसे नजरअंदाज नहीं कर सकता।'

'सचिन तेंदुलकर ने जड़े हैं 50 वनडे शतक'

'उनके साथ बातचीत करना ही मेरे लिए काफी है। उस शख्स ने मेरे जन्म से पहले ही टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था और मेरे डेब्यू टेस्ट में खेला था! उनका लंबा करियर अपने आप में उल्लेखनीय है और फिर देखिए उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कितने रन बनाए हैं... लेकिन सिर्फ इतना ही नहीं, उनके नाम 50 वनडे शतक भी हैं।

रूट ने उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि तेंदुलकर ने हर भारतीय क्रिकेट फैंस की उम्मीदों का बोझ उठाते हुए किस तरह ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। रूट ने कहा 'वह हमेशा भारत के सबसे प्रसिद्ध व्यक्ति रहे। बेहद गंभीर खिलाड़ी।'

टेस्ट सीरीज समर में होगी शुरू

इंग्लैंड जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के साथ घरेलू समर सत्र की शुरुआत करेगा। रूट इस सीजन को शानदार शुरुआत देने के लिए उत्सुक होंगे। बल्लेबाजी के बारे में बात करते हुए, रूट ने कहा कि उनका ध्यान हमेशा तकनीकी दक्षता या किसी अन्य चीज, यहां तक कि आगामी उपलब्धियों के बारे में चिंता करने के बजाय सुधार पर रहता है। मैं हमेशा खुद को बेहतर बनाने और अपनी बल्लेबाजी में कुछ नया जोड़ने की कोशिश करता रहता हूं।

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने कहा, 'मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि मैं जितना हो सके उतना चुस्त और तकनीकी रूप से कुशल महसूस करूं, ताकि जब असली मैच शुरू हों तो मैं रणनीतिक रूप से सोच सकूं और अपने सामने जो सही है उस पर ध्यान केंद्रित कर सकूं, बजाय इसके कि मैं तकनीकी बातों या मैदान पर किसी और चीज की चिंता करूं। यह सुनने में बहुत सरल लगता है, लेकिन जब मैं क्रीज पर होता हूं, तो मैं बस खेल खेलना चाहता हूं।'

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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