स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला रविवार, 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम (Narendra Modi Stadium) में खेला जाएगा। इस निर्णायक मुकाबले में भारत (India National Cricket Team) और न्यूजीलैंड (New Zealand National Cricket Team) आमने-सामने होंगी।
कीवी टीम जहां टी20 विश्व कप में अपने खिताबी सूखे को खत्म करना चाहेगी, वहीं भारत की नजर तीसरी बार ट्रॉफी जीतने पर होगी। ऐसे में फाइनल को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। हालांकि, फैंस के मन में बारिश लेकर कई तरह के सवाल भी हैं।
बारिश की वजह से पहले भी रद्द हो चुके हैं मैच
इस टी20 विश्व कप में श्रीलंका में खेले गए अब तक दो मुकाबले बारिश की वजह से रद्द हो चुके हैं। ऐसे में फैंस के मन में यह चिंता भी है कि कहीं फाइनल मैच पर भी मौसम का असर न पड़ जाए। क्रिकेट प्रेमियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ जाता है तो चैंपियन किसे घोषित किया जाएगा?
फाइनल के लिए रखा गया है रिजर्व डे
ICC ने फाइनल मैच के लिए 9 मार्च को रिजर्व डे के रूप में रखा है। यदि 8 मार्च को मैच पूरा नहीं हो पाता है तो मुकाबला अगले दिन यानी सोमवार को कराया जाएगा। मैच का रिजल्ट निकालने के लिए कम से कम 10-10 ओवर का खेल होना जरूरी है। अगर एक टीम 20 ओवर खेल लेती है और उसके बाद बारिश हो जाती है तो डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम के तहत नतीजा निकालने के लिए दूसरी टीम को कम से कम 10 ओवर खेलने होंगे।
जहां रुकेगा, वहीं से शुरू होगा मैच
अगर रविवार को मैच अधूरा रह जाता है और अतिरिक्त समय में भी पूरा नहीं हो पाता तो रिजर्व डे पर मुकाबला वहीं से शुरू किया जाएगा, जहां पहले दिन खेल समाप्त हुआ था। मैच पूरा कराने के लिए दोनों दिन 120-120 मिनट का अतिरिक्त समय भी रखा गया है। ताकि किसी भी हालत में नतीजा निकाला जा सके। हालांकि, अगर मैच डे और रिजर्व डे दोनों दिन भी खेल संभव नहीं हो पाता है तो अंत में दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया जाएगा।
पहले भी रद्द हो चुका है आईसीसी फाइनल
आईसीसी टूर्नामेंट के इतिहास में एक बार ऐसा हो चुका है, जब फाइनल मैच का नतीजा नहीं निकल पाया था। 2002 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया मुकाबला बारिश की वजह से पूरा नहीं हो सका था। उस समय दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया गया था। तब भारतीय टीम के कप्तान सौरव गांगुली थे।
