स्पोर्ट्स

चोट के बावजूद मुरली श्रीशंकर ने भारत को दिलाया सिल्वर मेडल

एथलेटिक्स में मेडल का सिलसिला लगातार जारी है। हालांकि, अब तक गोल्ड मेडल का इंतजार अब भी है। सोमवार को लंबी कूद में भारत के मुरली श्रीशंकर चोटिल हो गए, लेकिन तब तक वह अपना सिल्वर मेडल पक्का कर चुके थे।

Image

मुरली श्रीशंकर (साभार-X)

भारत के मुरली श्रीशंकर ने चोट के बावजूद लंबी कूद में भारत को सिल्वर मेडल दिला दिया है। बारिश के बीच हुए इस इवेंट में जब मुरली अपना चौथा प्रयास ले रहे थे तब उनके पैर में मोच आ गई, लेकिन तब तक वह भारत के लिए सिल्वर मेडल पक्का कर चुके थे। मुरली श्रीशंकर ने अपने दूसरे प्रयास में जोकि 8.07 का था, सिल्वर मेडल जीता। उनका पहला प्रयास 7.66 और तीसरा प्रयास 7.56 का था। टखने में चोट लगने के बाद वह अपने अंतिम दो प्रयास नहीं कर सके।गोल्ड मेडल चीन के नाम रहा। चीन के युहाओ शी ने 8.17 के साथ गोल्ड जीता। शी ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 8.17 मीटर का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। ब्रॉन्ज मेडल उज्बेकिस्तान के अनवर अनवारोव ने जीता। उन्होंने अपने चौथे प्रयास में 8.06 के साथ ब्रॉन्ज मेडल पक्का किया।

मुरली श्रीशंकर का यह एशियन गेम्स में लगातार दूसरा सिल्वर मेडल है। 2023 में भी उन्होंने 8.19 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। हाल ही में श्रीशंकर राष्ट्रमंडल खेलों में भी सिल्वर मेडल जीता था।

एथलेटिक्स में भारत का 19 मेडल

सोमवार तक भारत ने एथलेटिक्स में 19 मेडल जीत लिए हैं, हालांकि, अब भी गोल्ड मेडल का इंतजार है। 19 में से भारत ने 9 सिल्वर जबकि 10 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। सोमवार का दिन भारत के लिए खास रहा। इससे पहले पारुल चौधरी ने महिलाओं की 5000 मीटर फाइनल में कांस्य पदक जीता। उनसे पहले लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों के 1500 मीटर फाइनल में तीन मिनट 36.72 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता था। विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया। विथ्या ने उषा के 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में बनाए 55.42 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। उषा वर्तमान में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष हैं और एशियाई खेलों के लिए यहां मौजूद हैं।
Sameer Thakur
समीर कुमार ठाकुरauthor

समीर कुमार ठाकुर टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। करीब 10 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ वे न केवल क्रिकेट, बल्कि हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन और अन्य प्रमुख खेलों की गहरी समझ रखते हैं। खेलों की बारीकियों को पकड़ने, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने और मैच परिस्थितियों को सरल व रोचक अंदाज में समझाने की उनकी क्षमता उन्हें स्पोर्ट्स बीट का एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है। जर्नलिज़्म में डिप्लोमा कर चुके समीर ने टीवी मीडिया में भी काम किया है, जिससे उन्हें लाइव न्यूज प्रेजेंटेशन, ब्रेकिंग अपडेट्स और विजुअल स्टोरीटेलिंग का अनुभव मिला। समीर अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्पोर्ट्स इंटरव्यू, ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग और मैच व सीरीज आधारित विश्लेषण शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article