भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या के मामले में इंसाफ की लड़ाई अब और तेज हो गई है। मृतक छात्र के पिता रवींद्र वाकोडे ने सोमवार से मुंबई के ऐतिहासिक आजाद मैदान में बेमियादी धरना प्रदर्शन और अनशन शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनके बेटे की मौत के जिम्मेदार लोगों को सजा नहीं मिल जाती, वे अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
रवींद्र वाकोडे और उनकी पत्नी सोनाली वाकोडे का आरोप है कि उनके 22 वर्षीय बेटे साहिल को संस्थान के भीतर भयानक जातिगत भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा, जिसके कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
वहीं IIT बॉम्बे के छात्र की आत्महत्या के मामले पर वकील सिद्धार्थ इंगले कहते हैं, 'इस मामले में तेजी लाने के लिए क्राइम ब्रांच को नियुक्त किया गया था। हमें लगा था कि क्राइम ब्रांच जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लेगी, लेकिन अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसके उलट, साहिल को ही आरोपी बनाया जा रहा है। आप देखेंगे कि साहिल का CCTV फुटेज किस मकसद से और किसने लीक किया।'
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इस मामले में क्राइम ब्रांच कहां चूक रही है?
वकील सिद्धार्थ ने आगे कहा-'क्राइम ब्रांच उस नतीजे तक भी नहीं पहुंच पाई है। हमें लगता था कि मुंबई क्राइम ब्रांच का काम बहुत अच्छा है। लेकिन इस मामले में क्राइम ब्रांच कहां चूक रही है? क्या क्राइम ब्रांच जांच (investigation) कर रही है या पूछताछ (inquiry)? क्योंकि एट्रोसिटीज एक्ट की धारा 18A के तहत किसी शुरुआती जांच की जरूरत नहीं होती। गिरफ्तारी के लिए किसी इजाजत की जरूरत नहीं होती। फिर भी क्राइम ब्रांच उस कानून को लागू करने में नाकाम हो रही है जिसे संविधान के जरिए बनाया गया था।'
परिजनों ने आजाद मैदान में भूख हड़ताल की थी
उधर पिता रवींद्र वाकोडे ने भावुक होते हुए कहा, 'मुझे गिरफ्तार होने की भी परवाह नहीं है। मेरे बेटे को संवैधानिक तरीके से न्याय मिलना चाहिए। यह छत्रपति शिवाजी महाराज, फुले, शाहू और डॉ. आंबेडकर की पावन भूमि है, और मैं अपने हक व इंसाफ की लड़ाई आजाद मैदान में बैठकर जारी रखूंगा।' इससे पहले भी गुरुवार को उनके परिजनों ने आजाद मैदान में भूख हड़ताल की थी।
प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की गिरफ्तारी की मांग
पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की है। परिवार का कहना है कि जब तक आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और अन्य जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, वे अपना अनशन खत्म नहीं करेंगे।
