युवा स्पिनर और ऑलराउंडर हर्ष दुबे टीम इंडिया के लिए खेलते हुए अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं। वे नहीं चाहते कि लोग उन्हें सिर्फ रविंद्र जडेजा का 'बदला हुआ खिलाड़ी' समझें। 23 साल के हर्ष विदर्भ से हैं। वे बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करते हैं और बाएं हाथ से ही बल्लेबाजी भी करते हैं। उन्हें पहली बार भारतीय टीम में चुना गया है। अगले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट मैच और तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी। चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने कहा कि हर्ष को भविष्य के खिलाड़ी के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि जडेजा को इस टेस्ट से सिर्फ आराम दिया गया है, टीम से हटाया नहीं गया है।
'किसी की जगह नहीं ले रहा'
आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलने के बाद नागपुर लौटे हर्ष ने कहा, "इस मौके से मैं एक खिलाड़ी के तौर पर बहुत बेहतर हुआ हूं। मैं किसी की जगह नहीं ले रहा। मैंने बहुत मेहनत की है, तभी यहां पहुंचा हूं। मैं भविष्य की ज्यादा टेंशन नहीं लेता। बस जब भी मौका मिले, अपना 100% देना चाहता हूं।" अगर 6 जून को मुल्लांपुर में होने वाले टेस्ट में उन्हें खेलने का मौका मिलता है, तो भी वे दबाव नहीं लेंगे। हर्ष ने कहा, "मैं इस मैच को भी बाकी मैचों की तरह ही लूंगा। खुद पर फालतू दबाव नहीं डालूंगा। मुझे अपनी काबिलियत पर भरोसा है और वही करूंगा जो अब तक करता आया हूं।"
बाएं हाथ के स्पिनर हैं हर्ष
हर्ष की सबसे बड़ी ताकत बाएं हाथ की स्पिन है। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 133 विकेट लिए हैं। इसमें 9 बार एक पारी में 5 विकेट और 2 बार मैच में 10 विकेट लिए हैं। वे बल्लेबाजी में भी कम नहीं हैं। 27 फर्स्ट क्लास मैचों में 1000 से ज्यादा रन और 9 फिफ्टी लगा चुके हैं। हर्ष बोले, "मुझे बैटिंग बहुत पसंद है। मैं ऑलराउंडर बनकर लगातार अच्छा करना चाहता हूं। मैं खुद को ऑलराउंडर ही मानता हूं, क्योंकि हमेशा से ऐसा ही खेला है।" इस साल आईपीएल में 8 मैच खेलने से हर्ष को बहुत कुछ सीखने को मिला। यह उनका पहला पूरा आईपीएल सीजन था। 8 मैचों में उन्होंने 8 विकेट लिए। दिल्ली के खिलाफ 12 रन देकर 3 विकेट उनका बेस्ट रहा।हर्ष ने अपनी कामयाबी का श्रेय मम्मी-पापा को दिया। उन्होंने युवाओं को सलाह दी, "हमेशा टीम के लिए खेलो। जब भी टीम को जीत की जरूरत हो, अपना 100% दो।"
