Christian Eriksen: फीफा विश्व कप 2026 शुरू होने से पहले एक चौंकाने वाली घटना हुई है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। डेनमार्क के क्रिस्टियन एरिक्सन यूक्रेन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच के 65वें मिनट में सीने पर हाथ रखकर मैदान पर गिर पड़े। यह घटना 2021 में यूरोपीय चैंपियनशिप के दौरान एरिक्सन के दिल का दौरा पड़ने के बाद मैदान पर बेहोश होने की घटना की याद दिलाती है और सभी को चिंतित कर दिया। मैनचेस्टर यूनाइटेड और टॉटनहम के पूर्व खिलाड़ी को इससे पहले जून 2021 में कोपेनहेगन में फिनलैंड के खिलाफ डेनमार्क के यूरो 2020 मैच के दौरान भी दिल का दौरा पड़ा था।
मैच के फुटेज में एरिक्सन मैदान पर लेटे हुए दिखाई दे रहे थे, उनके चारों ओर चिंतित खिलाड़ी थे और यूक्रेन के स्टाफ ने मेडिकल टीम को मैदान पर आने के लिए बुलाया। 10 मिनट बाद, डेनिश फेडरेशन ने एक बयान जारी कर राहत भरी जानकारी दी कि एरिक्सन होश में हैं और उनकी हालत ठीक है।
टीम के चिकित्सक ने क्या अपडेट दिया?
डेनमार्क टीम के चिकित्सक मोर्टेन बोसेन ने कहा, "क्रिस्टियन की हालत ठीक है और वह खुद मैदान से बाहर चले गए। मेरी जानकारी के अनुसार, पेसमेकर ठीक से काम कर रहा है। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एरिक्सन की अस्पताल में आगे की जांच की जाएगी। अब अस्पताल में उनकी आगे की जांच की जरूरत है ताकि घटना के कारणों का पता चल सके। हम उनके और अस्पताल के डॉक्टरों के साथ लगातार संपर्क में हैं। लेकिन क्रिस्टियन की हालत ठीक है, और उन्होंने मुझसे सभी खिलाड़ियों को यह बताने के लिए कहा कि वह ठीक हैं।” हालात को देखते हुए, मैच रेफरी ने 79वें मिनट में मैच रद्द कर दिया, उस समय डेनमार्क 2-1 से आगे था।

क्रिस्टियन एरिक्सन
क्या होता है पेसमेकर?
अब इस घटना के बाद 'पेसमेकर' एक बार फिर चर्चा में आ गया है क्योंकि काफी समय से एरिक्सन पेसमेकर लगाकर ही खेल रहे हैं और फीफा विश्व कप में भी खेलने वाले हैं। पेसमेकर एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जिसे सर्जरी के जरिए छाती या पेट की त्वचा के नीचे लगाया जाता है। इसका मुख्य काम अनियमित या बहुत धीमी हो चुकी दिल की धड़कन (हार्ट बीट) को नियंत्रित और सामान्य बनाए रखना है। यह हृदय को सही समय पर धड़कने के लिए हल्के विद्युत संकेत भेजता है। दिल में एक प्राकृतिक पेसमेकर होता है जिसे 'एसए नोड' कहा जाता है, जो दिल को धड़कने के लिए संकेत भेजता है। जब यह प्राकृतिक प्रणाली ठीक से काम नहीं करती है, तब कृत्रिम पेसमेकर की आवश्यकता पड़ती है। जो तरह-तरह के हृदय से जुड़े विकारों में काम आता है।
क्या पेसमेकर लगाकर खिलाड़ी फीफा वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में खेल सकता है?
वैसे फीफा के नियमों में पेसमेकर के साथ मैदान पर उतरने को लेकर कोई ठोस नियम नहीं है, यही वजह है कि क्रिस्टियन एरिक्सन करियर में दो गंभीर घटनाओं के बावजूद इस बार भी खेलने के लिए तैयार हैं। हालांकि, फीफा कुछ अन्य नियम भी साथ में स्पष्ट करता है, ये हैं-
- पेशेवर फुटबॉल में शारीरिक तनाव और चोट के जोखिम को सहन करने के लिए खिलाड़ियों को उनकी राष्ट्रीय टीम के चिकित्सा कर्मचारियों और प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञों द्वारा स्पष्ट रूप से मंजूरी प्राप्त होनी चाहिए।
- हालांकि फीफा इसकी अनुमति देता है, लेकिन अलग-अलग लीग और देश अपने नियम लागू कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, इटली की सीरी ए में सख्त नियम हैं जो खिलाड़ियों को पेसमेकर/आईसीडी के साथ पेशेवर रूप से खेलने से रोकते हैं।
- जिन खिलाड़ियों के शरीर में ये इंप्लांट लगे होते हैं, वे अक्सर मैचों के दौरान डिवाइस पर सीधे प्रभाव पड़ने के जोखिम को कम करने के लिए अपनी जर्सी के नीचे एक गद्देदार बनियान पहनते हैं।
क्या अब डेनमार्क के लिए फीफा विश्व कप में खेल सकेंगे क्रिस्टियन एरिक्सन?
अब सवाल यही है कि क्या मौजूदा घटना के बाद एरिक्सन बेशक खुद उठकर मैदान से बाहर चले गए और कोई बड़ी घटना नहीं हुई, लेकिन जब टूर्नामेंट शुरू होगा और दबाव बढ़ेगा, ऐसी स्थिति में क्या एरिक्सन का खेला सही होगा। इससे पहले वो दो वर्ल्ड कप खेल चुके हैं और (2010 और 2018) और ये उनका तीसरा व संभावित आखिरी विश्व कप है। वो 34 साल के हैं और अपनी टीम के लिए प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
