Vastu Tips For Signature: व्यक्ति का सिग्नेचर या हस्ताक्षर आपकी पहचान होती है। हर व्यक्ति के साइन करने का अपना अलग तरीका होता है। हम कोई भी जरुरी काम करते हैं तो हमें कहीं ना कही सिग्नेचर करने ही पड़ते हैं। कहते हैं कि सिग्नेचर और नेचर को कभी चेंज नहीं करना चाहिए। लेकिन साथ में यह भी कहते हैं कि, अगर यह गलत है तो इसे तुरंत बदल लेना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, एक गलत सिग्नेचर आपको भारी नुकसान करा सकता है। वहीं एक सही, सिग्नेचर आपके भाग्य के दरवाजे खोल सकता है। दरअसल, वित्तीय और ऑफिस के मामलों में आपके हस्ताक्षर की भूमिका बेहद मायने रखती है। अगर आप वित्तीय समस्याओं से परेशान चल रहे हैं तो वास्तु शास्त्र के अनुसार, अपने हस्ताक्षर में कुछ बदलाव कर अपने भाग्य को बदल सकते हैं।
सिग्नेचर में यह बदलाव पलट देगी आपकी किस्मत
वास्तु के अनुसार अगर सिग्नेचर में कुछ बदलाव किए जाए तो आप आर्थिक तंगी से बाहर निकल सकते हैं। वास्तु के अनुसार, अगर आप जल्द से जल्द अमीर बनना चाहते हैं और चहाते हैं कि धन की बचत भी हो तो अपने सिग्नेचर के नीचे एक सीधी लाइन बनाते हुए उसके नीचे दो बिंदु लगाना आज से शुरू कर दें। इसका असर आपको कुछ ही दिन में दिखने लगेगा। जब आपके पास धन बचत शुरू हो जाए तो अपने सिग्नेचर के नीचे लगे बिंदुओं की संख्या धीरे-धीरे कर बढ़ाते जाएं। हालांकि, ध्यान रहे कि इन बिंदुओं की संख्या 6 से अधिक नहीं होना चाहिए। वास्तु के अनुसार, आप अपने सिग्नेचर में यह छोटा से बदलाव कर अपने घर में समृद्धि ला सकते हैं।
इस तरह का सिग्नेचर करना आज ही छोड़ दें
वास्तु के अनुसार, सिग्नेचर करने के बाद उसे बीच से एक लाइन खींच कर काटने वाले व्यक्ति कभी संतुष्ट नहीं रहते हैं। ऐसा करना बेहद अशुभ माना जाता है। ऐसे लोग हमेशा खुद को ही दोषी मानते हैं और छोटी-छोटी बात पर जल्दी गुस्सा भी आ जाता है। इस तरह के सिग्नेचर करने वाले व्यक्ति को अपना प्यार अभिव्यक्त करने में मुश्किल का सामना करना पड़ता है। ऐसे लोग हर चीज में कमी निकालने में मशहूर होते हैं। साथ ही खुद को भी सजा देते रहते हैं। ऐसे लोगों को अपने सिग्नेचर बदलने में देर नहीं करनी चाहिए।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
