अध्यात्म

भारी नुकसान उठा सकते हैं इन 3 राशियों के लोग, मायावी ने राजकुमार के साथ बना लिया जड़त्व योग

Budh Ketu Yuti in Singh Rashi 2026 : ग्रहों के राजकुमार बुध ने सूर्य की राशि सिंह में पहले से मौजूद केतु के साथ युति बना ली है। यह युति कुछ राशि वालों को परेशान करने वाली साबित हो सकती है।

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केतु और बुध की युति से किनको नुकसान हो सकता है

Budh Ketu Yuti in Singh Rashi 2026 : ग्रहों की चाल में 22 अगस्त 2026 को बड़ा बदलाव हुआ है। ग्रहों के राजकुमार बुध ने सिंह राशि में प्रवेश कर लिया है। सिंह में पहले से मौजूद केतु के साथ बुध की युति बन गई है। ज्योतिष की कुछ परंपराओं में बुध और केतु की युति को जड़त्व योग से जोड़ा जाता है। हालांकि पारंपरिक ज्योतिष में जड़त्व योग की व्याख्या बुध-राहु की युति के साथ भी की जाती है। इस समय सिंह राशि में सूर्य भी मौजूद हैं। ऐसे में सिंह में बुध-केतु की युति का असर केवल सोच और बातचीत तक सीमित नहीं रहता, बल्कि करियर, पब्लिक इमेज, फैसले और अधिकार से जुड़े मामलों को भी प्रभावित कर सकता है।

बुध बुद्धि, कम्युनिकेशन, बिजनेस, लेखन और कैलकुलेशन के कारक हैं, जबकि केतु अलगाव, अचानक बदलाव, भीतर की बेचैनी और चीजों को गहराई से देखने की प्रवृत्ति से जुड़े हैं। बुध और केतु साथ आते हैं तो कई बार दिमाग बहुत कुछ सोचता है, लेकिन उसे सही शब्दों में सामने रखना मुश्किल हो सकता है। व्यक्ति किसी बात को लेकर जरूरत से ज्यादा एनालिसिस कर सकता है या फिर बिना पूरी जानकारी के फैसला ले सकता है। इस वजह से कुछ राशियों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

जड़त्व योग का क्या होता है असर

बुध-केतु की युति कई बार व्यक्ति को सामान्य सोच से अलग हटकर सोचने की क्षमता भी देती है। रिसर्च, ज्योतिष, टेक्नोलॉजी, डेटा, साइबर, इन्वेस्टिगेशन और ऐसे कामों में जहां चीजों की गहराई में जाना पड़ता है, यह कॉम्बिनेशन अलग तरह की समझ दे सकता है। बुध-केतु को कभी चुनौतीपूर्ण तो कभी रिसर्च और हिडन नॉलेज के लिए उपयोगी माना जाता है।

परेशानी तब बढ़ती है जब यही एनर्जी ओवरथिंकिंग, कन्फ्यूजन, गलत कम्युनिकेशन और अचानक फैसला लेने में बदल जाती है। सिंह राशि में यह युति होने के कारण ईगो और अपनी बात सही साबित करने की इच्छा भी बढ़ सकती है। ऐसे में ऑफिस, बिजनेस और रिश्तों में शब्दों का गलत इस्तेमाल नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों के लिए यह युति अशुभ रहेगी।

कन्या राशि

कन्या राशि के स्वामी भी बुध हैं। सिंह राशि कन्या से 12वें भाव में आती है। ऐसे में बुध-केतु की युति खर्च, विदेश, यात्रा, ऑनलाइन काम और एकांत से जुड़े मामलों को एक्टिव कर सकती है। अचानक खर्च सामने आ सकते हैं। विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े काम में कोई कन्फ्यूजन पैदा हो सकता है। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय खास सावधानी रखें। नौकरी करने वाले लोगों को लग सकता है कि उनके काम का सही क्रेडिट नहीं मिल रहा। इस भावना में आकर तुरंत कोई बड़ा फैसला लेने से बचें।

उपाय: बुधवार को किसी जरूरतमंद विद्यार्थी को हरी स्टेशनरी या पढ़ाई की सामग्री दें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध-केतु की युति 10वें भाव में बन रही है। यह भाव करियर, जॉब, बिजनेस, पद और पब्लिक इमेज का है। ऐसे में यह योग आपके प्रोफेशनल लाइफ में सबसे ज्यादा हलचल पैदा कर सकता है। नौकरी में अचानक बदलाव का विचार आ सकता है। किसी सीनियर के साथ मतभेद होने पर तुरंत इस्तीफा देने जैसी गलती न करें। पहले पूरी स्थिति को समझें। बिजनेस में कोई पुराना प्लान दोबारा सामने आ सकता है। हालांकि इन्वेस्टमेंट या किसी बड़े बिजनेस कमिटमेंट से पहले फाइनेंशियल कैलकुलेशन जरूर करें। आपकी कोई बात ऑफिस में गलत तरीके से पेश की जा सकती है। ईमेल, मैसेज और डॉक्यूमेंट्स भेजने से पहले दोबारा पढ़ना आपके लिए काफी जरूरी रहेगा।

उपाय: बुधवार को भगवान गणेश की पूजा करें और हरे फल का दान करें।

कुंभ राशि

कुंभ राशि से बुध-केतु की युति सातवें भाव में बन रही है। सातवां भाव विवाह, जीवनसाथी, बिजनेस पार्टनरशिप और पब्लिक डीलिंग का माना जाता है। यहां सबसे बड़ा खतरा कम्युनिकेशन गैप का है। आप कुछ और कहना चाहेंगे और सामने वाला उसका मतलब कुछ और निकाल सकता है। शादीशुदा लोगों के बीच छोटी बात पर बहस बढ़ सकती है। बिजनेस करने वालों को पार्टनर के साथ फाइनेंस, जिम्मेदारी या किसी बड़े फैसले को लेकर मतभेद हो सकता है। किसी भी एग्रीमेंट पर साइन करने से पहले उसके हर पॉइंट को ध्यान से पढ़ना बेहतर रहेगा।

उपाय: बुधवार को हरे मूंग का दान करें और पार्टनर के साथ महत्वपूर्ण बातचीत शांत दिमाग से करें।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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