भावुक हो गए राजपाल यादव
बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव वृंदावन ने वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज से अपने मन की जिज्ञासा के अनुरूप कुछ प्रश्न पूछे, जिनका महाराज जी ने संतुष्टि पूर्ण उत्तर दिया। इस पर कॉमेडियन राजपाल यादव भावुक हो गए।
दरअसल वृंदावन के परम पूज्य संत प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लेने बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव उनके आश्रम पहुंचे थे, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इसमें राजपाल यादव महाराज जी के सामने बैठे बेहद भावुक नजर आ रहे हैं। इसके अलावा वे कई प्रश्न भी पूछ रहे हैं और अंत में अपनी बातों से महाराज जी को खूब हंसाते भी हैं। आइए जानते हैं कि राजपाल यादव ने प्रेमानंद महाराज से क्या-क्या प्रश्न पूछे और महाराज जी ने उनका क्या जवाब दिया।
‘महाराज जी, आपने साबित कर दिया कि शास्त्र ठीक कहते हैं और ईश्वर है। आपको देखकर ये प्रमाणित हो गया कि ईश्वर है।’ जब राजपाल यादव ने पूछा कि ‘महाराज जी, ईश्वर के होने का प्रमाण कौन दे सकता है?’ तो प्रेमानंद महाराज ने मुस्कुराते हुए कहा कि ‘सबसे पहला प्रमाण है कि हम मरना नहीं चाहते हैं क्योंकि हमारा पिता वो ईश्वर अविनाशी है।
दूसरा प्रमाण हम केवल सुख चाहते हैं जिसमें दुख की मिलावट न हो, क्योंकि हमारा स्वामी सुख-सिंधु है।
तीसरा प्रमाण है कि हम नंबर वन बनना चाहते हैं, क्योंकि हम उसी के अंश हैं।
जो अविनाशी है, सुख-सिंधु है और नंबर वन है, वही तो परमात्मा है। हम वही चाहते हैं, जो हमारा पिता मतलबा वो परमात्मा है, क्योंकि हम उसी के अंश हैं। जितना प्यार हम दुनिया में बांटते हैं, अगर सारा प्यार एकमात्र भगवान को दे दें और कहें कि ‘मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई’ तो वो जरूर दर्शन देते हैं। वो आकाश में नहीं, हमारे हृदय में विराजते हैं।’
प्रेमानंद महाराज ने जीवन का कड़वा सच बड़ी सादगी से बताया कि ‘जब तक खाते-पीते अच्छे हैं, सब हाथ मिलाते हैं। समस्या आई तो सब साइड हो जाते हैं कि अरे राजपाल आ रहा है, कहीं बात न कर ले! लेकिन समस्याओं में केवल भगवान साथ देते हैं। इसलिए नाम जप करते रहो, भगवान को याद करते रहो, हर दुख से लड़ना सीखो, कभी हारना मत।’
राजपाल यादव ने कहा कि ‘पूजा शांति का मतलब आराम से छुपाने का है, दिखाने का नहीं है’। इस पर महाराज जी ने हंसते हुए सहमति दी कि ‘बिल्कुल ठीक! जिसने छुपाया, उसने भगवान को खरीद लिया। जिसने दिखाया, वो बिक गया।’
राजपाल यादव ने हाथ जोड़कर कहा कि ‘कलयुग की आपाधापी में कथनी और करनी में एकता बहुत मुश्किल हो जाती है। आशीर्वाद दीजिए कि हम टूटें नहीं। एक अंतिम प्रार्थना है कि दर्शन आप ही दे सकते हैं, कोई और नहीं दे सकता है। फिर जरूर दर्शन दीजिएगा।’ इस पर महाराज जी ने प्यार से कहा कि ‘जरूर आइएगा, स्वागत है आपका।’
राजपाल यादव ने दिल खोलकर कहा कि‘हम पूरे भारत को हंसाते रहते हैं, मनोरंजन करते रहते हैं। किसी को कष्ट न हो, बस यही सोचकर जीते हैं। राजपाल यादव ने कहा कि महाराज जी आपको देखकर लगता है कि द्वापर फिर आ गया है। कृष्ण जी फिर अवतरित हो गए हैं और मैं मनसुखा ही रह गया हूं। मनसुखा भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल के साथी थे, माखन चोरी में उनका साथ देते थे।
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