Ranchi student protest news: रांची के आंदोलनकारी छात्रों ने अगले 2 महीने तक के लिए अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है। वे अगले दो महीने तक कोई विरोध-प्रदर्शन नहीं करेंगे। सरकार द्वारा अपनी मांगें मान लिए जाने के बाद छात्रों ने यह फैसला किया। आज शाम तीन से चार बजे के बीच वे इस बारे में आधिकारिक बयान जारी करेंगे। छात्रों का कहना है कि वे शाम तक प्रदर्शन स्थल से चले जाएंगे।
इससे पहले झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के 25 दिनों से जारी आंदोलन के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली सरकार ने मंगलवार रात 2014 से राज्य लोक सेवा आयोग (पीसीएस) और एक आउटसोर्स एजेंसी द्वारा आयोजित 44 परीक्षाओं को रद्द कर दिया। सरकार के इस एलान के बाद भी छात्रों ने अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखा था। सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा भी रद्द कर दी है, जिसके बाद परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मंगलवार देर रात जारी हुई अधिसूचना
सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की गई थी। इसके बाद मंगलवार देर रात जारी की गई आठ अधिसूचनाओं के माध्यम से इसे औपचारिक रूप दिया गया। इस फैसले के दायरे में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक, तकनीकी और न्यायिक पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षाएं शामिल हैं। यहां जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने कहा कि वह जल्द ही अपने अगले कदम पर फैसला करेगा। रिफॉर्म मंच के प्रवक्ता पीयूष कुमार सिंह ने कहा कि संगठन सरकार के फैसलों के दायरे और उनके क्रियान्वयन को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहा है।
जल्द ही आंदोलन का दूसरा चरण शुरू करेंगे-महतो
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र महतो ने कहा कि वह जल्द ही आंदोलन के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे। महतो ने सरकार की घोषणा के बाद 16 दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी थी। उन्होंने मांग की है कि भविष्य में होने वाली जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाएं 'प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं से मुक्त’ हों। इसके अलावा उन्होंने एक निगरानी समिति गठित करने और भर्ती प्रक्रिया के व्यापक ऑडिट की भी मांग की है।
2,000 अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया
परीक्षाएं रद्द करने के फैसले पर सरकार ने कहा कि भर्ती व्यवस्था में लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए यह कदम जरूरी था, क्योंकि परीक्षाओं में कदाचार और अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। हालांकि, इस फैसले के बाद जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा पास कर राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्त किए गए करीब 2,000 अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा सोमवार को परीक्षा रद्द करने की घोषणा के एक दिन बाद मंगलवार को इन अभ्यर्थियों ने राज्य सचिवालय से रांची के बिरसा चौक तक मार्च निकाला।
