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तालाब में खाना-रहना.. शरीर में जलन से परेशान 16 साल का इकबाल, जानें घंटों पानी में रहने से त्वचा पर क्या असर पड़ता है

तालाब में रहने-खाने वाले इकबाल की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें दुर्लभ स्किन कंडिशन है, जिससे उन्हें पानी से बाहर आने पर जलन होती है। हालांकि ज्यादा पानी में रहना भी नुकसानदायक है, जानें कैसे।

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Murshidabad Iqbal Case

Murshidabad Iqbal Case: क्या आपने कभी सोचा है कि कोई इंसान घंटों पानी में क्यों बैठा रह सकता है? सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद मुर्शिदाबाद के 16 साल के इकबाल की कहानी लोगों का ध्यान खींच रही है। वीडियो में वह तालाब के पानी में बैठकर खाना खाते दिखाई दिए। बताया गया कि इकबाल को पानी से बाहर निकलते ही शरीर में तेज जलन महसूस होती है, इसलिए वह लंबे समय तक पानी में रहना पसंद करते हैं।

परिवार के अनुसार, उन्होंने पहले इलाज कराने की कोशिश भी की थी, लेकिन लगातार इलाज का खर्च उठाना उनके लिए आसान नहीं था। बाद में मामला सोशल मीडिया तक पहुंचा और चिकित्सा सहायता की कोशिश शुरू हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, अनंत अंबानी की मदद से इकबाल को इलाज के लिए मुंबई ले जाने की व्यवस्था भी की गई। हालांकि, उनकी असली बीमारी क्या है, यह उचित मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है।

पानी में रहने से राहत क्यों महसूस होती है?

त्वचा की एलर्जी, सूजन, संक्रमण, नसों से जुड़ी समस्या या दूसरी स्वास्थ्य स्थितियां इकबाल को होने वाली जलन के पीछे की वजह हो सकती हैं। लेकिन इकबाल का कहना है कि पानी से बाहर आते ही उनके शरीर में जलन बढ़ जाती है। ठंडा पानी त्वचा को कुछ समय के लिए ठंडक दे सकता है, इसलिए उसमें रहने पर असहजता कम महसूस हो सकती है।

Murshidabad Iqbal Sheikh, Boy With rare medical condition

Murshidabad Iqbal Sheikh, Boy With rare medical condition

लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि पानी ही उनकी समस्या का इलाज है। लगातार पानी में रहना किसी अंदरूनी बीमारी या त्वचा संबंधी समस्या को ठीक करने का तरीका नहीं माना जा सकता।

पानी में रहने से त्वचा पर असर

त्वचा लंबे समय तक पानी में रहने पर अपनी सामान्य मजबूती खोने लगती है। ज्यादा देर तक भीगी रहने से त्वचा नरम और सिकुड़ी हुई हो सकती है। इसके अलावा, लगातार नमी रहने से त्वचा की ऊपरी परत कमजोर पड़ सकती है।

ऐसी स्थिति में त्वचा पर छोटे घाव, जलन या संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। खासकर जिन हिस्सों में पानी लंबे समय तक फंसा रहता है, वहां फंगल या बैक्टीरियल संक्रमण की संभावना बढ़ सकती है।

नोट: यह लेख उपलब्ध रिपोर्टों और सामान्य चिकित्सा जानकारी पर आधारित है। इकबाल की वास्तविक बीमारी का निदान डॉक्टरों की जांच के बिना नहीं किया जा सकता।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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