अध्यात्म

Navratri Day 2 Maa Brahmacharini ki Aarti: नवरात्रि के दूसरे दिन की देवी मां ब्रह्मचारिणी की आरती यहां देखें

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 23, 2023, 04:49 PM IST

Maa Brahmacharini Ki Arati on 2nd Day of Navratri: नवरात्रि के दूसरे दिन देवी दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है। इनकी पूजा के समय जरूर करें ये आरती।

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मां ब्रह्मचारिणी की आरती

Maa Brahmacharini Ki Arati On 2nd Day of Navratri: नवरात्रि के नौ दिन अलग-अलग देवियों से संबंधित है। इसके दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। इनकी पूजा से व्यक्ति के अंदर साहस औ आत्मविश्वास बढ़ता है। साथ ही जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाती हैं। ज्योतिष अनुसार मां ब्रह्मचारिणी का मंगल और बुध ग्रह पर शासन माना जाता है। इसलिए इनकी पूजा से ये दोनों ग्रह भी मजबूत हो जाते हैं।

जो लोग किसी भी तरह की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उन्हें सफलता और तरक्की के लिए नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी का आशीर्वाद जरूर लेना चाहिए। मां की कृपा पाने के लिए पूजा के समय सच्चे मन से उनकी ये आरती जरूर करें।

मां ब्रह्मचारिणी की आरती (Maa Brahmacharini Ki Arati )

जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता।

जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।

ब्रह्मा जी के मन भाती हो।

ज्ञान सभी को सिखलाती हो।

ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।

जिसको जपे सकल संसारा।

जय गायत्री वेद की माता।

जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।

कमी कोई रहने न पाए।

कोई भी दुख सहने न पाए।

उसकी विरति रहे ठिकाने।

जो तेरी महिमा को जाने।

रुद्राक्ष की माला ले कर।

जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।

आलस छोड़ करे गुणगाना।

मां तुम उसको सुख पहुंचाना।

ब्रह्माचारिणी तेरो नाम।

पूर्ण करो सब मेरे काम।

भक्त तेरे चरणों का पुजारी।

रखना लाज मेरी महतारी।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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