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Lohri Muhurat 2026 Lohri Mein Aag Lagane ka Samay Aaj ka LIVE: लोहड़ी में आज आग कब जलाएंगे नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम (Delhi NCR) में | लोहड़ी जलाने का सही समय यहाँ देखें

Lohri Muhurat 2026 Lohri Mein Aag Lagane ka Samay Aaj ka LIVE (लोहड़ी में आग कब जलाएंगे) नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम (Delhi NCR) में लोहड़ी अग्नि प्रज्वलन का शुभ समय | Lohri Fire Timing Today, लोहड़ी कब जलाएंगे: आज लोहड़ी का दिन है और आज के दिन देशभर में लोहड़ी जलाई जा रही है। तो दिल्ली में लोहड़ी कब और कितने बजे जलेगी, ये समय यहां बताया गया है।

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दिल्ली-एनसीआर में लोहड़ी जलाने का सही समय (pc: canva)

Lohri Muhurat 2026 Lohri Mein Aag Lagane ka Samay Today in Delhi NCR (लोहड़ी में दिल्ली एनसीआर में आज आग कब जलाएंगे): देशभर में आज लोहड़ी मनाई जा रही है। ये फेस्टिवल फसल कटने के मौसम की खुशी और सर्दियों के अंत को दिखाता है। इसे खासकर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली‑NCR में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। लोहड़ी की शाम को अग्नि प्रज्जवलित जाता है। लोग उसमें तिल, गुड़, मूंगफली, रेवड़ी डालकर अग्नि देवता की पूजा करते हैं। आग को बुरी चीजों और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने वाला माना जाता है। तो दिल्ली और आसपास के इलाकों में लोहड़ी कितने बजे जलाई जाएगी, ये समय आपको यहां से नोट करना है। यहां लोहड़ी जलाने के मुहूर्त की पूरी लिस्ट मौजूद है।

दिल्ली- एनसीआर के अलग अलग शहरों में लोहड़ी जलाने का समय (Lohri Muhurat 2026 Lohri Mein Aag Lagane ka Samay Today in Delhi- NCR)-

शहर का नामलोहड़ी जलाने का समय
दिल्ली05:43 PM- 7:15 PM
नोएडा05:43 PM- 7:15 PM
गुरुग्राम05:43 PM- 7:15 PM
गाजियाबाद05:45 PM- 7:15 PM
फरीदाबाद05:43 PM- 7:15 PM
सोनीपत05:43 PM- 7:15 PM
मेरठ 05:43 PM- 7:16 PM
बिजनौर05:43 PM- 7:15 PM
मुजफ्फरनगर05:46 PM- 7:15 PM
पालमपुर05:43 PM- 7:17 PM
हसनपुर05:43 PM- 7:15 PM
बल्लभगढ़05:43 PM- 7:15 PM
झज्जर05:45 PM- 7:15 PM
बहादुरगढ़ 05:43 PM- 7:15 PM

लोहड़ी कैसे जलाई जाती है?

लोहड़ी जलाना एक पारंपरिक रीति है। इसके लिए सबसे पहले घर या आंगन में एक सुरक्षित जगह पर अलाव बनाया जाता है। अलाव में लकड़ियाँ और गोबर की राख लगाकर आग प्रज्वलित की जाती है। इसके बाद लोग तिल, गुड़, मूंगफली, रेवड़ी आदि सामग्री आग में अर्पित करते हैं और अग्नि देवता की पूजा करते हैं। अलाव के चारों ओर परिवार और मित्र इकट्ठा होकर गीत गाते, भांगड़ा-गिद्दा करते और नई फसल, सुख-समृद्धि तथा स्वास्थ्य की कामना करते हैं। यह प्रक्रिया न केवल उत्सव को जीवंत बनाती है, बल्कि सामूहिक आनंद और परंपरा की भावना को भी बढ़ाती है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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