CJP Demand Dharmendra Pradhan Resignation: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर राजधानी दिल्ली में जारी भारी छात्र आक्रोश के बीच बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घोषणा करते हुए पेपर लीक मामलों में शामिल दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए देश में विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने का ऐलान किया। हालांकि, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) संगठन ने प्रधानमंत्री के इस ऐलान को सिरे से खारिज कर दिया है। CJP ने सोशल मीडिया पर सख्त रुख अपनाते हुए अपनी मुख्य मांग को दोहराया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
देशव्यापी छात्र विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने इस गंभीर मुद्दे पर पहली बार अपनी बात रखी और आश्वासन दिया कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक के मामलों का त्वरित निस्तारण करने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का फैसला किया है। संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों को इस संबंध में सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से बढ़कर सरकार के लिए कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाले किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।
CJP का कड़ा रुख
प्रधानमंत्री के पोस्ट के तुरंत बाद छात्र संगठन CJP ने X पर बेहद संक्षिप्त लेकिन कड़ा संदेश पोस्ट किया- 'धर्मेंद्र प्रधान मस्ट रिजाइन' (Dharmendra Pradhan Must Resign)। छात्र संगठन के इस रुख से स्पष्ट है कि आंदोलनकारी छात्र सरकार के इन कदमों से आश्वस्त नहीं हैं।
जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में डटे हजारों छात्रों का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में भारी लापरवाही के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पद से नहीं हटाया जाता, आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। जंतर-मंतर पर जारी इस विरोध-प्रदर्शन के चलते दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। सत्ताधारी भाजपा जहां विपक्ष पर इस छात्र आंदोलन को भड़काने और राजनीति करने का आरोप लगा रही है, वहीं छात्र संगठन अपने प्राथमिक एजेंडे पर अडिग हैं।
