Shukra Gochar 2026 Effect: शुक्र को वैदिक ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत शुभ और शक्तिशाली ग्रह माना गया है, जो व्यक्ति को जीवन के विभिन्न सुख प्रदान करता है। 2026 में शुक्र महाराज पहली बार अगस्त में चित्रा नक्षत्र में गोचर करने वाले हैं, जिसके स्वामी मंगल हैं। मंगल को ग्रहों का सेनापति माना जाता है। वहीं, चित्रा नक्षत्र को कला, मोती, चमक, डिजाइन, वास्तुकला, सृजनात्मकता और सौंदर्य आदि का प्रतीक माना गया है। इस नक्षत्र में शुक्र के जाने से उनकी ऊर्जा और ज्यादा बढ़ जाएगी, जिसके कारण राशियों पर प्रभाव भी गहरा पड़ेगा। चलिए अब जानें शुक्र के इस नक्षत्र परिवर्तन की तारीख, समय और प्रभाव आदि के बारे में।
शुक्र का चित्रा नक्षत्र में कब होगा गोचर?
द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, 25 अगस्त 2026 को शुक्र ग्रह का चित्रा नक्षत्र में गोचर होगा। ये गोचर दोपहर में 12 बजकर 55 मिनट के आसपास होने वाला है। शुक्र इस नक्षत्र में 11 सितंबर तक रहेंगे, जबकि इससे पहले हस्त नक्षत्र में संचार कर रहे होंगे। 11 सितंबर को सुबह 6 बजकर 33 मिनट तक शुक्र अपनी उपस्थिति चित्रा नक्षत्र में दर्ज करवाएंगे।
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शुक्र गोचर से प्रभावित लकी राशियों का राशिफल
- वृषभ राशि
- तुला राशि
- मीन राशि
शुक्र ग्रह की कृपा पाने के उपाय
ग्रह शुक्र की कृपा पाने के लिए शुक्रवार का व्रत और मां लक्ष्मी की पूजा करें। साथ ही साफ सफेद या चमकीले रंग के कपड़े पहनें। इसके अलावा सफेद रंग की चीजों के दान से भी आपको अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
