Punjab Lohri Muhurat 2026 Lohri Mein Aag Lagane ka Samay Aaj ka LIVE: लोहड़ी में आज आग कब जलाएंगे लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला, बठिंडा, मोगा, फरीदकोट, होशियारपुर पंजाब में लोहड़ी जलाने का सही समय यहां देखें
- Authored by: Srishti
- Updated Jan 13, 2026, 06:17 PM IST
Punjab Lohri Mein Aag Lagane ka Samay Aaj ka LIVE (लोहड़ी में आग कब जलाएंगे) लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला, बठिंडा, मोगा, फरीदकोट, होशियारपुर पंजाब में लोहड़ी आग प्रज्वलन का शुभ समय Lohri Fire Timing Today: आज लोहड़ी है और अभी बस कुछ देर में लोहड़ी की अग्नि जलाई जाएगी। पंजाब में लोहड़ी कितने बजे जलेगी ये आप यहां से जान सकते हैं। यहां पंजाब में लोहड़ी की आग जलाने का समय बताया गया है।
पंजाब में लोहड़ी जलाने का सही समय (pc: canva)
Lohri Mein Aag Lagane ka Samay Today in Punjab (लोहड़ी में पंजाब में आज आग कब जलाएंगे): लोहड़ी के दिन आग जलाने का बहुत गहरा धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व है। लोहड़ी विशेष रूप से पंजाब और उत्तर भारत में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। लोहड़ी की आग को अग्नि देव का प्रतीक माना जाता है। लोग आग में तिल, गुड़, मूंगफली, रेवड़ी आदि अर्पित करते हैं और अच्छी फसल, सुख- समृद्धि की कामना करते हैं। ये पर्व रबी फसल के पकने की खुशी में मनाया जाता है। आग के चारों ओर परिक्रमा कर किसान अपनी मेहनत का आभार प्रकृति को अर्पित करते हैं। यहां पंजाब में लोहड़ी जलाने का सही समय बताया गया है। पंजाब के अलग-अलग शहरों में लोहड़ी की आग कब जलेगी, ये मुहूर्त आप यहां से जान सकते हैं।
पंजाब में आज आज लोहड़ी कब जलाएंगे -
| शहर का नाम | लोहड़ी जलाने का समय |
| लुधियाना (Ludhiana) | 5:43 PM – 7:15 PM |
| अमृतसर (Amritsar) | 5:43 PM – 7:15 PM |
| चंडीगढ़ (Chandigarh) | 5:43 PM – 7:15 PM |
| पटियाला (Patiala) | 5:45 PM – 7:15 PM |
| जालंधर (Jalandhar) | 5:43 PM – 7:15 PM |
| बठिंडा (Bathinda) | 5:43 PM – 7:15 PM |
| मोहाली (Mohali) | 5:43 PM – 7:15 PM |
| फिरोजपुर (Firozpur) | 5:43 PM – 7:15 PM |
| होशियारपुर (Hoshiarpur) | 5:43 PM – 7:15 PM |
पंजाब में लोहड़ी का महत्व-
पंजाब में लोहड़ी सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि मस्ती का सुपरहिट पैकेज है। इस दिन अलाव जलाकर ठंड को टाटा-बाय बाय कहा जाता है। तिल, गुड़, रेवड़ी और मूंगफली आग को चढ़ाई जाती है और साथ में भांगड़ा-गिद्दा से धरती थिरक उठती है। लोहड़ी नई फसल की खुशी, मेहनत की जीत और साथ मिलकर हंसने- गाने का बहाना है। ढोल की थाप, दुल्ला भट्टी के गीत और दोस्तों- परिवार की रौनक, बस यही तो लोहड़ी की असली शान है।