CJP Protest: दिल्ली के कनॉट प्लेस के टॉलस्टॉय मार्ग के पास रात 8.30 बजे के आसपास प्रदर्शनकारियों की आड़ में गुंडों ने एक बार फिर पुलिस पर हमला किया।अचानक हुई इस घटना में पुलिसकर्मियों पर कथित तौर पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं, जिसमें कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत घायल हो गए। जिसके बाद उन्हें राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बताया जा रहा है कि कुछ समय के लिए मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। हालांकि, बाद में हालात को नियंत्रित कर लिया गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बुधवार की शाम को प्रदर्शन खत्म होने के बाद लौट रही भीड़ अचानक उग्र हो गई और पुलिस के साथ-साथ मौके पर मौजूद मीडियाकर्मियों को निशाना बनाया। इस दौरान, पुलिस पर पथराव और बोतलें फेंके जाने की बात सामने आई।
जंतर-मंतर पर कैसी है स्थिति?
बताया जा रहा है कि जंतर-मंतर पर स्थिति फिलहाल सामान्य है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। कनॉट प्लेस इलाके में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं। 20 जुलाई को सीजेपी के नेतृत्व वाले 'चलो संसद' प्रदर्शन के बाद से लगातार बवाल की रिपोर्ट्स सामने आ रही है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: 'मैं अभी जिंदा हूं...', मेदांता में एडमिट वांगचुक का VIDEO संदेश आया सामने; सरकार के सामने रखी ये शर्त
क्या है पूरा मामला?
सनद रहे कि शिक्षाविद् और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शन में 28 जून को हिस्सा लिया और उन छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की, जो परीक्षा में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही, शिक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसके बाद, 19 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया जिसके बाद 20 जुलाई को भारी मात्रा में कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर पर छात्र एकजुट हुए।
