Ashadha Gupt Navratri 2026 Upay: सनातन धर्म के लोगों के लिए आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के 9 दिनों का खास महत्व होता है। इन 9 दिनों में 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है, जो कि मां दुर्गा के अत्यंत शक्तिशाली रूप हैं। हालांकि, 10 महाविद्याओं की पूजा बिना किसी विशेष पंडित के नहीं की जाती है, इसलिए कुछ लोग गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा कर लेते हैं। आज आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का आखिरी दिन है यानी नवमी तिथि है।
यदि किसी कारण से इस बार नवरात्रि में आपने व्रत नहीं रखा व पूजा नहीं की तो ऐसे में आप आज नवमी पर कुछ विशेष उपायों को करके माता दुर्गा को खुश कर सकते हैं। साथ ही आपको 9 दिनों के व्रत का फल मिल सकता है।
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 की नवमी तिथि
द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार 15 जुलाई 2026 से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का आरंभ हुआ था, जिसका समापन 9 दिन बाद आज 23 जुलाई 2026 को हो रहा है। कल 22 जुलाई 2026 की सुबह 5 बजकर 16 मिनट पर आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि का आरंभ हुआ था, जिसका समापन आज 23 जुलाई 2026 की सुबह 7 बजकर 3 मिनट पर हुआ है। नवमी तिथि आज समाप्त हुई है, ऐसे में आज ही आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की नवमी तिथि की पूजा करना शुभ रहेगा।
आज नवमी तिथि की पूजा के शुभ मुहूर्त
| शुभ मुहूर्त के नाम | समय सीमा |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह में 04:15 से 04:56 बजे तक |
| अभिजित मुहूर्त | दोपहर में 12:00 से 12:55 बजे तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर में 02:44 से 03:39 बजे तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम में 07:18 से 07:38 बजे तक |
| सायाह्न सन्ध्या | शाम 07:18 से रात 08:20 बजे तक |
| अमृत काल | दोपहर 03:56 से शाम 05:42 बजे तक |
| निशिता मुहूर्त | मध्यरात्रि में 12:07 से 12:48 बजे तक (24 जुलाई) |
आज नवमी तिथि पर किए जाने वाले महाउपाय
- आज नवमी तिथि पर अपने घर में श्री यंत्र की स्थापना करके उसकी पूजा करें। साथ ही रोजाना श्री यंत्र की पूजा करने का संकल्प लें। यदि आप ऐसा करते हैं और इस संकल्प का सच्चे मन से पालन करते हैं तो कुछ ही समय में आपकी तमाम परेशानियां दूर हो सकती हैं।
- आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के आखिरी दिन यानी आज नवमी पर अपने घर के मंदिर में मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर की स्थापना करें। साथ ही 3 बार श्री सूक्त का पाठ करें। ऐसा करने से आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। साथ ही घर वालों को अपनी तमाम परेशानियों से मुक्ति मिल जाएगी।
- मान्यता है कि आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि के अंतिम दिन मां दुर्गा की सच्चे मन से पूजा और दुर्गा कवच का 3 बार पाठ करने से सभी 9 दिनों के व्रत के समान फल मिलता है।
- नवमी तिथि के दिन 9 कन्याओं और 1 छोटे बालक को भोजन कराएं। ऐसा करने से आपको मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है।
- विवाहित महिलाओं को नवमी तिथि पर भोजन कराना और श्रृंगार का सामान दान में देना शुभ होता है। हालांकि, इससे पहले मां दुर्गा की पूजा जरूर करें और उनके सामने अपनी इच्छा को व्यक्त करें।
गुप्त नवरात्रि की नवमी पर किसकी पूजा होती है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की नवमी तिथि पर दो महाविद्या माता मातंगी और माता कमला की पूजा करने का विधान है। माता मातंगी को ज्ञान, संगीत और कला की देवी माना जाता है। वहीं, माता कमला सुख-समृद्धि और सभी प्रकार की सिद्धियों की देवी हैं।
डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
