अध्यात्म

Devshayani Ekadashi 2026 Upay: देवशयनी एकादशी पर बिना व्रत रखे कैसे पाएं विष्णु कृपा? जानें 3 खास और सरल उपाय

Devshayani Ekadashi 2026 Upay: देवशयनी एकादशी के व्रत का सनातन धर्म में खास महत्व है, जिसका फल हर व्यक्ति को जरूर मिलता है। यदि किसी कारण से इस बार आप देवशयनी एकादशी का व्रत नहीं रख पा रहे हैं तो निराश न हों। यहां पर बताए गए 3 सरल उपायों को एकादशी के दिन करके आपको विष्णु जी की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है।

Image

देवशयनी एकादशी 2026 के उपाय

Devshayani Ekadashi 2026 Upay: देवशयनी एकादशी का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है, जो कि जगत के पालनहार हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी का सच्चे मन से व्रत रखने से साधक को पुराने से पुराने पापों से मुक्ति मिल सकती है। साथ ही जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, खुशहाली और धन आदि का वास होता है। हर साल आषाढ़ माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जाता है, जो कि इस बार 25 जुलाई 2026 को है।

यदि किसी कारण से इस बार आप देवशयनी एकादशी का व्रत नहीं रख पाएंगे तो निराश न हों। पौराणिक शास्त्रों में कई ऐसे उपायों के बारे में बताया गया है, जिन्हें देवशयनी एकादशी के दिन करने से विष्णु जी की कृपा के साथ-साथ व्रत के समान फल प्राप्त किया जा सकता है। चलिए जानें विष्णु जी को खुश करने के सरल 3 उपायों के बारे में।

देवशयनी एकादशी पर किए जाने वाले उपाय

  1. देवशयनी एकादशी के दिन प्रात: काल में स्नान आदि कार्य करने के बाद पीले रंग के कपड़े धारण करें। घर के मंदिर में विष्णु जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। अब 108 बार विष्णु जी के नाम का जाप करें, जिसके बाद एक बार विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। ऐसा करने से न सिर्फ आपका मन शांत होगा, बल्कि विष्णु जी की कृपा से जीवन की तमाम समस्याएं भी दूर होने लगेंगी।
  2. विष्णु जी को खुश करने के लिए विष्णु पुराण का पाठ करना अति शुभ होता है। हालांकि, एक दिन में विष्णु पुराण का संपूर्ण पाठ नहीं किया जा सकता है क्योंकि इसमें कुल 7000 श्लोक हैं। ऐसे में देवशयनी एकादशी के दिन से विष्णु पुराण का पाठ करना शुरू करें, जिसे एक हफ्ते के अंदर समाप्त करने की पूरी कोशिश करें। मान्यता है कि विष्णु पुराण पढ़ने से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट होते हैं और दीर्घायु के साथ अपार धन-दौलत की प्राप्ति होती है।
  3. विष्णु जी को खुश करने के लिए देवशयनी एकादशी के दिन आप मां लक्ष्मी और देवी तुलसी की भी पूजा कर सकते हैं। मां लक्ष्मी को खुश करने के लिए 108 बार "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नमः" मंत्र का जाप करें, जबकि देवी तुलसी की कृपा पाने के लिए 108 बार 'ॐ वृंदाय नमः' मंत्र जपें। साथ ही तुलसी के पौधे के पास शुद्ध देसी घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: देवशयनी एकादशी पर इन 11 नियमों का करें पालन, प्राप्त होगी विष्णु कृपा

देवशयनी एकादशी 2026 की तिथि

एकादशी तिथिदिनांकसमय
तिथि आरंभ24 जुलाई 2026सुबह 09:12 बजे
तिथि समापन25 जुलाई 2026सुबह 11:34 बजे
व्रत का पारण26 जुलाई 2026सुबह 05:39 बजे से 08:22 बजे तक

देवशयनी एकादशी के दिन के शुभ मुहूर्त

25 जुलाई 2026 को सुबह 5 बजकर 38 मिनट पर सूर्योदय होगा, जिसके साथ ही देवशयनी एकादशी व्रत का आरंभ हो जाएगा। इससे पहले सुबह 04:16 से सुबह 04:57 मिनट के बीच ब्रह्म मुहूर्त में आप तैयार होकर पूजा की तैयारी कर सकते हैं। सूर्योदय के दौरान पूजा करने के बाद शाम में 07:17 से रात 08:19 मिनट के बीच सायाह्न सन्ध्या में फिर से पूजा करना न भूलें।

डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।

Nidhi Jain
निधि जैनauthor

निधि जैन Times Now नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के तौर पर जुड़ी हैं। इन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 साल से ज्यादा का अनुभव है। पढ़ने और लिखने के प्रति इनकी रुचि ही इन्हें जर्नलिज्म की ओर लेकर आई। निधि अब तक हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुकी हैं।

और पढ़ें
End of Article