Delhi Police Inspector Nand Kishore Injured: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर 'चलो संसद' प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में गंभीर रूप से घायल हुए दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर नंदकिशोर ने अस्पताल के बिस्तर से बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में उपचाराधीन इंस्पेक्टर नंदकिशोर ने बताया कि प्रदर्शन स्थल पर कोई आम छात्र नहीं, बल्कि उपद्रवी और असामाजिक तत्व छिपे हुए हैं जो जानबूझकर पुलिस, आरएएफ (RAF) और सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने इलाज के बाद ANI से बात करते हुए कहा, 'इस हिंसक हमले में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घायल हुए हैं और पुलिस वाहनों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।'
150 लोगों की उग्र भीड़ ने पीछे से मारी लात और घूंसे
आरएमएल अस्पताल में अपना इलाज करा रहे इंस्पेक्टर नंदकिशोर ने घटना की भयावहता को साझा करते हुए बताया कि वह बुधवार रात जंतर-मंतर पर नाइट ड्यूटी के लिए तैनात थे। उन्होंने कहा, 'भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें जंतर-मंतर के पास पार्किंग की जगह नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने हनुमान मंदिर रोड पर अपनी गाड़ी खड़ी की और वहां से संसद मार्ग की ओर पैदल ही निकल पड़े। सड़क पर छात्रों की भारी भीड़ देखकर उन्हें कोई डर नहीं लगा क्योंकि उन्हें लगा कि ये केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी छात्र हैं।'
उन्होंने बताया कि जब वह संसद मार्ग पहुंचे तो वहां लगभग 2,500 लोगों का हुजूम मौजूद था। तभी अचानक कुछ असामाजिक तत्वों ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि पुलिस आंसू गैस के गोले छोड़ रही है और छात्रों पर हमला कर रही है। इतना सुनते ही लगभग 150 लोगों की हिंसक भीड़ ने उन पर पीछे से हमला बोल दिया। उनके साथ जमकर मारपीट की गई, लात-घूंसे मारे गए और उन्हें जमीन पर गिरा दिया गया। गनीमत यह रही कि पास में मौजूद एक अन्य पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उनकी जान बचाई।
'जो भी यूनिफॉर्म में दिख रहा है, उसे देखते ही पीटा जा रहा है'
अस्पताल से बयान देते हुए घायल अधिकारी ने दावा किया कि इस आंदोलन की आड़ में अराजक तत्व सुनियोजित तरीके से सुरक्षा बलों को निशाना बना रहे हैं।
इंस्पेक्टर नंदकिशोर ने कहा कि ये कृत्य किसी भी स्थिति में निर्दोष छात्रों का नहीं हो सकता। जो भी अकेला पुलिसकर्मी, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) या सीआरपीएफ का जवान वर्दी में नजर आ रहा है, भीड़ उसे देखते ही पीट रही है। उपद्रवियों द्वारा दिल्ली पुलिस की गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया है और उनमें तोड़फोड़ की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिंसा फैलाने और कानून व्यवस्था को ठप करने वाले इन असामाजिक तत्वों की पहचान सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
