Hiking Spots near Delhi-NCR: बारिश की दो-चार अच्छी फुहारें पड़ते ही दिल्ली-NCR का मूड बदलने लगता है। जिस अरावली को गर्मियों में देखकर सूखी-पथरीली पहाड़ी समझकर आगे निकल जाते हैं, वही मानसून में हरी चादर ओढ़ लेती है। रास्तों पर गीली मिट्टी की खुशबू, पहाड़ियों पर ठहरे बादल और कहीं-कहीं बहता बरसाती पानी देखकर यकीन करना मुश्किल होता है कि गुरुग्राम और फरीदाबाद की ऊंची इमारतें यहां से कुछ ही किलोमीटर दूर हैं।
मानसून के इस प्यारे से मौसम में अगर वीकेंड पर ट्रेकिंग का मन है, लेकिन हिमाचल-उत्तराखंड जाने जितना समय नहीं, तो भी जूते कस लीजिए। यहां आपको दिल्ली के पास असोला लेक, मांगर, लेपर्ड और घामरोज ट्रेल जैसे हाइकिंग स्पॉट्स की जानकारी दे रहे हैं। ये जगहें कम समय में बढ़िया एडवेंचर के लिए बढ़िया हैं।
असोला लेक ट्रेल: दिल्ली में जंगल वाली फीलिंग
असोला पहुंचकर कुछ देर के लिए भूल जाएंगे कि आप दिल्ली में हैं। पथरीले रास्ते, झाड़ियां, जंगल और पुराने खनन क्षेत्र में बनी नीली झील - इस जगह को किसी एडवेंचर फिल्म की लोकेशन जैसी वाइब देते हैं। बारिश के बाद यहां का रूखा लैंडस्केप हरे रंग से भर जाता है।
नीली झील प्रवेश द्वार से करीब 14 किलोमीटर भीतर है। वहां जाने के लिए गेट से परमिट लेकर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार वाहन से आगे बढ़ सकते हैं। पैदल ट्रेक करना हो तो आधिकारिक या गाइडेड ट्रेल ही चुनें।
- कहां है: असोला भाटी वाइल्डलाइफ सेंचुरी, शूटिंग रेंज रोड, दक्षिणी दिल्ली
- कैसे पहुंचें: महरौली-बदरपुर रोड या सूरजकुंड रोड से सेंचुरी के मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंच सकते हैं। सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन तुगलकाबाद है। मेट्रो से आगे कैब या ऑटो लेकर जा सकते हैं।
- कितना समय लगेगा: सेंट्रल दिल्ली से डेढ़ घंटा और दक्षिणी दिल्ली से करीब 40 से 60 मिनट।
- कितना समय लेकर जाएं: आने-जाने और घूमने के लिए 4 से 5 घंटे रखें।
ध्यान रखें: झील बेहद गहरी है, इसलिए तैरने या किनारे की फिसलन भरी चट्टानों पर चढ़ने की कोशिश न करें। निकलने से पहले प्रवेश और परमिट से जुड़ी जानकारी जरूर जांच लें।
मांगर ट्रेल: सुकून वाली जगह
गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड के पास है मांगर। यहां की सुबह में एक अलग ही ठहराव मिलता है। यहां न बाजार का शोर है, न सेल्फी पॉइंट की भीड़। बस पथरीले रास्ते, पुराने पेड़, पक्षियों की आवाज और सामने फैली अरावली। मानसून में मोर दिख जाए तो आपकी हाइक का बोनस समझिए।
मांगर बनी स्थानीय आस्था से जुड़ा पवित्र और पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील जंगल है। इसलिए इसे आम पिकनिक स्पॉट की तरह न लें। पहली बार जा रहे हैं तो स्थानीय गाइड या किसी अनुभवी नेचर-वॉक समूह के साथ जाना बेहतर होगा।
- कहां है: मांगर गांव और मांगर बनी, गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड
- कैसे पहुंचें: गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से मांगर गांव की ओर जाना होगा। कई लोकप्रिय ट्रेल गांव या स्थानीय मंदिर के आसपास से शुरू होते हैं।
- कितना समय लगेगा: गुरुग्राम और फरीदाबाद से लगभग 40 से 50 मिनट, जबकि दिल्ली से डेढ़ से दो घंटे।
- कितना समय लेकर जाएं: छोटा ट्रेल 2 से 3 घंटे में पूरा हो सकता है। लंबी हाइक के लिए आधा दिन रखें।
ध्यान रखें: जंगल में अकेले अंदर तक न जाएं। पेड़-पौधों को नुकसान न पहुंचाएं, तेज संगीत न बजाएं और सूर्यास्त से पहले लौट आएं।
लेपर्ड ट्रेल: दिल्लीवालों का एक पॉपुलर स्पॉट
अगर आप ऐसी हाइक चाहते हैं जिसमें थोड़ा रोमांच, थोड़ी फोटोग्राफी और अंत में अच्छा नाश्ता मिल जाए, तो लेपर्ड ट्रेल सही चुनाव है। यहां करीब 5.2 किलोमीटर के क्षेत्र में चट्टानी रास्ते, खुली पहाड़ियां और खूबसूरत व्यू पॉइंट मिलते हैं। आसपास कई कैफे भी हैं, इसलिए यह दोस्तों के साथ मॉर्निंग आउटिंग के लिए काफी मजेदार विकल्प है।
नाम में लेपर्ड जरूर है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि यहां तेंदुए आपको रास्ते में घूमते मिल जाएंगे। फिर भी यह अरावली का प्राकृतिक इलाका है, इसलिए तय रास्ते से बाहर न निकलें।
- कहां है: गैरतपुर बास, गुरुग्राम
- कैसे पहुंचें: गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड या सोहना रोड होते हुए गैरतपुर बास पहुंचें। मैप पर
Leopard Trail Gurgaon डालने पर मुख्य इलाके तक पहुंचा जा सकता है। - कितना समय लगेगा: गुरुग्राम के राजीव चौक से करीब 30 से 45 मिनट और सेंट्रल दिल्ली से डेढ़ से दो घंटे।
- कितना समय लेकर जाएं: हाइक और नाश्ते के लिए 3 से 4 घंटे काफी हैं।
ध्यान रखें: बारिश के बाद चट्टानें फिसल सकती हैं। अच्छे ग्रिप वाले जूते पहनें और अंधेरा होने के बाद ट्रेल के भीतर न जाएं।
घामरोज वॉटरफॉल ट्रेल: झरना मिले तो दिन बन जाएगा
घामरोज का झरना मानसून का सरप्राइज पैकेज है। अच्छी बारिश हुई तो पहाड़ियों के बीच बहता पानी, छोटे प्राकृतिक कुंड और चारों तरफ फैली हरियाली आपका दिन बना देंगे। हां बारिश कम हुई तो झरने नहीं देख पाएंगे। ट्रेल लगभग 4.5 किलोमीटर का बताया जाता है, लेकिन रास्ता हर जगह साफ चिह्नित नहीं है। पहली यात्रा स्थानीय गाइड या अनुभवी समूह के साथ करें।
- कहां है: घामरोज गांव और गैरतपुर बास क्षेत्र, सोहना रोड
- कैसे पहुंचें: गुरुग्राम से सोहना रोड पर भोंडसी होते हुए घामरोज गांव पहुंचें। आखिरी हिस्सा अरावली के भीतर पैदल तय करना पड़ता है।
- कितना समय लगेगा: गुरुग्राम से 40 से 60 मिनट और दिल्ली से लगभग दो घंटे।
- कितना समय लेकर जाएं: ट्रेक और झरने पर रुकने सहित 4 से 5 घंटे रखें।
ध्यान रखें: तेज बारिश के बीच यहां न जाएं। झरने के नीचे खड़े होने या प्राकृतिक कुंड में उतरने से बचें, क्योंकि पानी अचानक बढ़ सकता है।
जाने के लिए क्या तैयारी करें
पानी की बोतल, हल्का नाश्ता, रेन जैकेट, फर्स्ट-एड किट, पावर बैंक, मच्छर भगाने वाली क्रीम और एक अतिरिक्त जोड़ी मोजे साथ रखें। ट्रेक सुबह 6 से 7 बजे के बीच शुरू करें ताकि धूप और भीड़ दोनों से बच सकें। मौसम का अलर्ट देखकर निकलें और जो भी प्लास्टिक या पैकेट साथ लेकर जाएं, उसे वापस भी लेकर आएं।
