अध्यात्म

Khatu Shyam Mandir: खाटू श्याम बाबा से सीधे संपर्क का जरिया हैं 13 सीढ़ियां? जानें क्या है इनका रहस्य

Khatu Shyam Mandir: राजस्थान के सीकर जिले में मौजूद विश्व प्रसिद्ध खाटू श्याम जी मंदिर के आज कपाट खुल गए। यहां हम आपको इस अद्भुत मंदिक की 13 चमत्कारी सीढ़ियों के बारे में बता रहे हैं।

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खाटू श्याम मंदिर में स्वर्ग की 13 सीढ़ियां (pc: pinterest)

Khatu Shyam Mandir: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम जी मंदिर एक अत्यंत प्रसिद्ध और पवित्र तीर्थ स्थल है, जो भगवान कृष्ण के कलियुगी अवतार 'बर्बरीक' को समर्पित है। ये हारे का सहारा और शीश के दानी के रूप में जाने जाते हैं। यहां श्रद्धालु दर्शन और मन्नत मांगने के लिए देश भर से आते हैं। खासतौर से फाल्गुन मेले के दौरान यहां भक्तों की भारी भीड़ लगती है। आज 23 अप्रैल को बाबा के मंदिर के कपाट फिर से खुल गए हैं। इस शुभ दिन पर हम आपको इस मंदिर की चमत्कारी सीढ़ियों के बारे में बता रहे हैं। यहां 13 सीढ़ियां हैं, जिसे लेकर भक्तों में काफी मान्यताएं हैं।

खाटू श्याम की 13 सीढ़ियों का रहस्य क्या है?

दरअसल सन 1087 ई. में जब मंदिर का निर्माण हुआ था, तब मुख्य द्वार से गर्भगृह तक पहुंचने के लिए 13 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती थीं। ये एकमात्र मार्ग था जिससे भक्त खाटू श्याम बाबा के दर्शन करते थे। समय के साथ जब भीड़ बढ़ी, तो श्री श्याम मंदिर कमेटी ने जिला प्रशासन की सहायता से 14 नई नई लाइनों की व्यवस्था की, लेकिन आज भी चार लाइनें वही पुराना मार्ग हैं, जिनसे भक्त 13 सीढ़ियों को चढ़कर बाबा के दर्शन करते हैं। इन सीढ़ियों पर चढ़ते समय श्रद्धालु अपनी आस्था दिखाते हुए नंगे पैर जाते हैं और बाबा की जय-जयकार करते हैं।

13 सीढ़ियों की खासियत क्या है?

खाटू श्याम मंदिर की सीढ़ियों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां से गुजरते समय भक्त का बाबा श्याम से सीधा नेत्र-संपर्क होता है। कहते हैं कि इन पलों में बाबा अपने भक्त की हर अर्जी सीधे स्वीकार कर लेते हैं। ऐसे में बाबा के करीब पहुंचने के लिए इन सीढ़ियों पर चढ़ने से पहले भक्त को अपना अहंकार नीचे ही छोड़ना पड़ता है। यहां कदम रखते ही यह भाव मन में होना चाहिए कि इस संसार में जो कुछ है, वह सब ईश्वर का है।

महाभारत से जुड़ी मान्यता क्या है?

मंदिर की इन 13 सीढ़ियों का सीधा संबंध महाभारत काल से माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ये 13 सीढ़ियां महाभारत के उन महत्वपूर्ण 13 दिनों का प्रतीक हैं, जो धर्म और न्याय की स्थापना के साक्षी बने थे।

क्या है सच?

भक्तों का मानना है कि, 13 सीढ़ियों को चढ़कर दर्शन करने से बाबा श्याम से सीधा संपर्क होता है, जिससे वे दुख-दर्द कह सकते हैं और बाबा तुरंत राहत देते हैं। हालांकि मंदिर कमेटी का कहना है कि ये मात्र भक्तों की अवधारणा है, बाबा श्याम सभी की मनोकामनाएं पूरी करते हैं, चाहे कोई भी द्वार या मार्ग क्यों न हो।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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