अध्यात्म

Ganesh Ji Ki Aarti: गणपति भगवान की आरती, जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा,माता जाकी पार्वती पिता महादेव

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Apr 6, 2023, 05:25 PM IST

Ganesh Ji Ki Aarti (Jai Ganesh Jai Ganesh Deva, जय गणेश जय गणेश देवा): किसी भी शुभ काम या पूजा की शुरुआत गणेश जी की आराधना से की जाती है। यहां देखें जय गणेश जय गणेश देवा आरती लिरिक्स हिंदी में।

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Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics: गणेश जी की आरती, जय गणेश जय गणेश देवा आरती इन हिंदी

Shri Ganesh Aarti With Lyrics: भगवान गणेश की आरती 'जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा' हर पूजा में की जाती है। चाहे पूजा किसी भी देवी देवता की हो इस आरती को किए बिना वो पूजा अधूरी मानी जाती है। हिंदू पौराणिक कथाओं अनुसार भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना गया है। इसलिए किसी भी शुभ काम या पूजा की शुरुआत गणेश जी को याद करते हुए की जाती है। शास्त्रों के अनुसार श्री गणेश की पूजा-अर्चना करने से कार्यों में विघ्न नहीं आता और सभी कार्य सफल हो जाते हैं। यहां जानिए भगवान श्री गणेश की आरती।

गणपति जी की आरती करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आरती के हर शब्द का उच्चारण एकदम सही होना चाहिए। इस बात का भी ध्यान रखें कि गणेश जी की आरती किसी भी पूजा में सबसे पहले की जाती है इसके बाद ही अन्य देवी देवताओं की आरती होती है।

Shri Ganesh Aarti Written, भगवान श्री गणेश की आरती लिरिक्स के साथ

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।

माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।

लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।

बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।

कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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