अध्यात्म

Ekadashi Vrat 2023: साल 2023 में कब-कब पड़ेगी एकादशी, यहां देखें पूरी लिस्ट

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Dec 9, 2022, 03:05 PM IST

Ekadashi Dates 2023: हिंदू पंचांग की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी कहते हैं। ये प्रत्येक महीने में दो बार आती हैं एक शुक्ल पक्ष की एकादशी और दूसरी कृष्ण पक्ष की एकादशी। हिन्दू धर्म में इस व्रत की बहुत मान्यता है।

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Ekadashi 2023 Date: 2023 में एकादशी कब-कब हैं?

Ekadashi 2023 Dates (January To December): हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का खास महत्व माना जाता है। इस व्रत में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। मान्यता है एकादशी व्रत करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही व्यक्ति अपने सभी पापों से मुक्ति पा लेता है। हर महीने में दो एकादशी व्रत पड़ते हैं। एक एकादशी कृष्ण पक्ष में आती है तो एक शुक्ल पक्ष में। जानिए नए साल 2023 में किस दिन कौन सी एकादशी पड़ेगी।

Shani Gochar 2023 Rashifal (Mithun Rashi)

एकादशी 2023 तारीखें (Ekadashi 2023 Dates)

सोमवार, 02 जनवरीपौष पुत्रदा एकादशी
बुधवार, 18 जनवरीषटतिला एकादशी
बुधवार, 01 फरवरीजया एकादशी
गुरुवार, 16 फरवरीविजया एकादशी
शुक्रवार, 03 मार्चआमलकी एकादशी
शनिवार, 18 मार्चपापमोचिनी एकादशी
शनिवार, 01 अप्रैलकामदा एकादशी
रविवार, 16 अप्रैलवरुथिनी एकादशी
सोमवार, 01 मईमोहिनी एकादशी
सोमवार, 15 मई अपरा एकादशी
बुधवार, 31 मईनिर्जला एकादशी
बुधवार, 14 जूनयोगिनी एकादशी
गुरुवार, 29 जूनदेवशयनी एकादशी
गुरुवार, 13 जुलाईकामिका एकादशी
शनिवार, 29 जुलाईपद्मिनी एकादशी
शनिवार, 12 अगस्तपरम एकादशी
रविवार, 27 अगस्तश्रावण पुत्रदा एकादशी
रविवार, 10 सितंबरअजा एकादशी
सोमवार, 25 सितंबरपरिवर्तिनी एकादशी
मंगलवार, 10 अक्टूबर इन्दिरा एकादशी
बुधवार, 25 अक्टूबरपापांकुशा एकादशी
गुरुवार, 09 नवंबररमा एकादशी
गुरुवार, 23 नवंबरदेवुत्थान एकादशी
शुक्रवार, 08 दिसंबरउत्पन्ना एकादशी
शनिवार, 23 दिसंबरमोक्षदा एकादशी
एकादशी का महत्व: पुराणों के अनुसार एकादशी को ‘हरी दिन’ और ‘हरी वासर’ के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार एकादशी व्रत हवन, यज्ञ , वैदिक कर्म-कांड आदि से भी अधिक फल देता है। इस व्रत को करने से पूर्वज या पितरों को स्वर्ग की प्राप्ति होने की मान्यता है। एकादशी व्रत की तैयारी एक दिन पहले से ही शुरू हो जाती है।
लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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