Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 24 अगस्त 2026 : 24 अगस्त 2026, सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। आज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पूरे दिन रहेगी। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रात 08:28 बजे तक रहेगा, इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र शुरू होगा। आज सावन का आखिरी सोमवार है। भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए आज का दिन विशेष माना जा रहा है। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, शुभ-अशुभ समय और ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी।
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय (Sunrise and Moonrise)
आज सूर्य का उदय सुबह 05:55 बजे और सूर्यास्त शाम 06:52 बजे होगा। चंद्रमा का उदय शाम 04:40 बजे और चन्द्रास्त 25 अगस्त की रात 02:53 बजे होगा।
तिथि, नक्षत्र और योग (Tithi, Nakshatra and Yog)
आज शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पूरे दिन रहेगी। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रात 08:28 बजे तक रहेगा। इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र प्रारंभ होगा और 25 अगस्त की सुबह 03:06 बजे तक रहेगा। योग की बात करें तो प्रीति योग सुबह 07:04 बजे तक रहेगा। इसके बाद आयुष्मान योग प्रारंभ होगा।
करण (Karan)
बव करण शाम 05:22 बजे तक रहेगा। इसके बाद बालव करण प्रारंभ होगा और पूरी रात रहेगा।
वार एवं पक्ष (Day and Paksha)
आज सोमवार है और शुक्ल पक्ष चल रहा है। आज सावन का आखिरी सोमवार होने के कारण शिव भक्तों के लिए दिन का विशेष महत्व है। भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और आक के फूल अर्पित करके पूजा की जा सकती है।
चन्द्र मास, सम्वत (Lunar Month and Samvat)
आज विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी, शक संवत 1948 पराभव और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। चन्द्र मास श्रावण (पूर्णिमान्त) और श्रावण (अमान्त) है। प्रविष्टे/गते 8 है।
राशि तथा नक्षत्र (Rashi and Nakshatra)
आज चंद्रमा 25 अगस्त की सुबह 03:06 बजे तक धनु राशि में रहेंगे। इसके बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र सुबह 07:08 बजे तक दूसरे चरण में, दोपहर 01:49 बजे तक तीसरे चरण में और रात 08:28 बजे तक चौथे चरण में रहेगा। इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र प्रारंभ होगा। सूर्य सिंह राशि में स्थित हैं और मघा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। सूर्य का उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से संबंध 25 अगस्त की सुबह 03:06 बजे तक रहेगा।
ऋतु तथा अयन (Season and Ayana)
द्रिक ऋतु के अनुसार शरद ऋतु चल रही है, जबकि वैदिक ऋतु के अनुसार वर्षा ऋतु है। द्रिक और वैदिक दोनों मान्यताओं के अनुसार दक्षिणायण का प्रभाव बना हुआ है। दिनमान 12 घंटे 56 मिनट 40 सेकंड और रात्रिमान 11 घंटे 03 मिनट 50 सेकंड रहेगा। मध्याह्न 12:23 बजे होगा।
24 अगस्त के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:27 बजे से 05:11 बजे तक
प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:49 बजे से 05:55 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:33 बजे से 03:24 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:52 बजे से 07:14 बजे तक
सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:52 बजे से रात 07:58 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 03:07 बजे से 04:54 बजे तक
निशिता मुहूर्त: 25 अगस्त की रात 12:01 बजे से 12:46 बजे तक
24 अगस्त के अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings)
राहुकाल: सुबह 07:32 बजे से 09:09 बजे तक
यमगण्ड: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 02:00 बजे से 03:37 बजे तक
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:49 बजे से 01:41 बजे तक
वर्ज्य: 25 अगस्त की सुबह 05:16 बजे से 07:01 बजे तक और दोपहर 03:24 बजे से 04:16 बजे तक
बाण: दोपहर 02:34 बजे तक चोर बाण रहेगा।
आनन्दादि एवं तमिल योग (Anandadi and Tamil Yog)
आनन्दादि योग में उत्पात योग रात 08:28 बजे तक रहेगा। इसके बाद मृत्यु योग प्रारंभ होगा। तमिल योग में मरण योग रात 08:28 बजे तक रहेगा। इसके बाद भी मरण योग का प्रभाव रहेगा।
जीवनम: पूर्ण जीवन रहेगा।
नेत्रम: दो नेत्र रहेगा।
निवास और शूल (Nivas and Shool)
होमाहुति शनि की रहेगी।
दिशा शूल: पूर्व दिशा में रहेगा।
अग्निवास: पृथ्वी पर रहेगा।
चंद्र वास: 25 अगस्त की सुबह 03:06 बजे तक पूर्व दिशा में रहेगा। इसके बाद दक्षिण दिशा में रहेगा।
शिववास: भगवान शिव कैलाश पर विराजमान रहेंगे। 25 अगस्त की सुबह 03:06 बजे के बाद शिववास दक्षिण दिशा में रहेगा।
राहु वास: उत्तर-पश्चिम दिशा में रहेगा।
कुम्भ चक्र: पश्चिम दिशा में रहेगा।
सावन के आखिरी सोमवार पर शिव पूजा
सावन के आखिरी सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करना शुभ माना जाता है। भक्त शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित कर सकते हैं। अपनी श्रद्धा के अनुसार दूध, गंगाजल, पुष्प और फल भी अर्पित किए जा सकते हैं। शिव मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र या ॐ नमः शिवाय का जाप करके पूजा पूरी की जा सकती है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी दिए गए पंचांग के आधार पर तैयार की गई है। अलग-अलग क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार तिथि एवं समय में मामूली अंतर संभव है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
