अध्यात्म

Amarnath Yatra 2023 Registration: अमरनाथ यात्रा के लिए shriamarnathjishrine.com पर करें रजिस्ट्रेशन, जानें पूरा प्रोसेस

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Apr 17, 2023, 04:25 PM IST

Amarnath Yatra 2023 Registration Form Online on www.jksasb.nic.in, shriamarnathjishrine.com, amarnath shrine board.com: अमरनाथ यात्रा 1 जुलाई से लेकर 31 अगस्त तक चलेगी। यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इन तीनों में से (www.jksasb.nic.in, shriamarnathjishrine.com, amarnath shrine board.com) किसी भी एक लिंक पर जाकर आप यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

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Amarnath Yatra Direct Link- www.jksasb.nic.in, shriamarnathjishrine.com, amarnath shrine board.com

Amarnath Yatra 2023: अमरनाथ मंदिर की सालाना यात्रा 1 जुलाई से 31 अगस्त तक चलेगी। जिसकी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 17 अप्रैल दिन सोमवार से शुरू हो गई है। (www.jksasb.nic.in, shriamarnathjishrine.com और amarnath shrine board.com) इन तीनों में से किसी भी लिंक पर जाकर आप यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। यात्रा के लिए ऑनलाइन फोर्म भरते समय आपको यात्रा से जुड़े Do's और Don'ts देखने को मिलेंगे। जिसमें बताया गया है कि शारीरिक फिटनेस प्राप्त करके यात्रा के लिए तैयारी करें। यात्रा से कम से कम एक महीने पहले प्रतिदिन लगभग 4-5 किमी सैर करें। साथ ही योग प्राणायाम भी जरूर करें। जिससे आपको यात्रा के समय किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या न आए। अब जानिए अमरनाथ यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने का पूरा प्रोसेस।

Amarnath Yatra 2023 Registration Form Online (अमरनाथ यात्रा 2023 ऑनलाइन आवेदन पत्र)

  • सबसे पहले इनमें से किसी भी एक लिंक पर क्लिक करें (www.jksasb.nic.in, shriamarnathjishrine.com और amarnath shrine board.com)
  • इनमें से किसी भी एक साइट पर जाकर आपको यात्रा के लिए ऑनलाइन फोर्म मिल जाएगा।
  • ऑनलाइन फोर्म भरने के बाद आपके पास ओटीपी आएगा जिसे आपको वेरीफाई करना होगा।
  • आवेदन पत्र भरने के बाद आपको SMS के द्वारा जरूरी जानकारी भेजी जाएगी।
  • इसके बाद आपको ऑनलाइन फीस भरनी होगी।
  • इस तरह आपको यात्रा के लिए परमिट मिल जाएगा। इसे डाउनलोड करके अपने पास रख लें।
  • इसके अलावा ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आपको बैंक में विजिट करना होगा।

Amarnath Yatra 2023 Do's And Don'ts

  • यात्रा से कम से कम एक महीने पहले, प्रतिदिन लगभग 4-5 किमी सुबह/शाम की सैर शुरू करने की सलाह दी जाती है।
  • शरीर की ऑक्सीजन दक्षता में सुधार के लिए गहरी सांस लेने के व्यायाम और योग, विशेष रूप से प्राणायाम शुरू करें।
  • डिहाइड्रेशन और सिरदर्द से निपटने के लिए ढेर सारा पानी पिएं और प्रतिदिन लगभग 5 लीटर तरल पदार्थ लें।
  • थकान को कम करने के लिए भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट का सेवन करें।
  • हाई एल्टीट्यूड सिकनेस या किसी अन्य असुविधा के किसी भी लक्षण के मामले में तुरंत हर 2 किलोमीटर पर स्थित निकटतम चिकित्सा सुविधा से संपर्क करें।
  • शराब, कैफीन युक्त पेय या धूम्रपान न करें।
  • अधिक ऊंचाई पर होने वाली बीमारी के लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें।

अमरनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • चिकित्सा प्रमाण पत्र आपके राज्य में अधिकृत डॉक्टर/अस्पताल द्वारा जारी किया गया हो।
  • फोटो फ़ाइल - .JPEG या .JPG फॉर्मेट में ही होनी चाहिए और इसका आकार 1MB से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • पंजीकरण करते समय चिकित्सा प्रमाण पत्र केवल पीडीएफ प्रारूप में स्कैन और अपलोड किया जाना चाहिए। इसका भी साइज 1 एमबी से अधिक नहीं होना चाहिए।
  • ध्यान रखें कि 13 वर्ष से कम और 70 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों को यात्रा की अनुमति नहीं है।
  • 6 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था वाली गर्भवती महिलाएं यात्रा नहीं कर सकती हैं।
  • यात्रा के दौरान आपके पास मूल फोटो पहचान पत्र और चिकित्सा प्रमाण पत्र जरूर होना चाहिए।

अमरनाथ गुफा का रहस्य: ऐसी मान्यता है कि ये वही जगह है जहां पर भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व की कथा सुनाई थी। इस जगह की प्रमुख विशेषता गुफा के अंदर बर्फ से बना प्राकृतिक शिवलिंग है। इसे स्वयंभू हिमानी शिवलिंग और बाबा बर्फानी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस शिवलिंग का आकार चंद्रमा के घटने-बढ़ने के साथ-साथ घटता-बढ़ता रहता है। जिस तरह से पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपने पूर्ण आकार में होता है ठीक वैसे ही श्रावण पूर्णिमा के दिन ये शिवलिंग भी अपने पूरे आकार में आ जाता है और फिर अमावस्या के दिन तक धीरे-धीरे छोटा होता चला जाता है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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