Laddu Gopal Ki Aarti Lyrics in Hindi: घर के मंदिर में विराजे नन्हे लड्डू गोपाल केवल भगवान नहीं, बल्कि परिवार के छोटे सदस्य जैसे होते हैं। भक्त उन्हें सुबह जगाते हैं। स्नान कराते हैं। सुंदर पोशाक पहनाते हैं और प्रेम से माखन-मिश्री का भोग लगाते हैं। इसके बाद जब घंटी की मधुर आवाज के साथ बाल गोपाल की आरती गाई जाती है, तब पूजा पूरी मानी जाती है।
लड्डू गोपाल भगवान श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप हैं। उनकी आरती में माता यशोदा का वात्सल्य, नंद बाबा का प्रेम और ब्रजवासियों की भक्ति दिखाई देती है। यदि आप जन्माष्टमी पर कान्हा की पूजा कर रहे हैं या घर में रोज लड्डू गोपाल की सेवा करते हैं, तो यहां श्री लड्डू गोपाल जी की संपूर्ण आरती पढ़ सकते हैं।
श्री लड्डू गोपाल जी की आरती हिंदी में
आरती श्री गोपाल जी की कीजे।
अपना जन्म सफल कर लीजे।।
श्री यशोदा का परम दुलारा।
बाबा की अखियन का तारा।।
गोपियन के प्राणों का प्यारा।
इन पर प्राण न्योछावर कीजे।।
आरती श्री गोपाल जी की कीजे।
अपना जन्म सफल कर लीजे।।
बलदाऊ के छोटो भैया।
कान्हा कहि-कहि बोलत मैया।।
परम मुदित मन लेत बलैया।
यह छवि नैनन में भर लीजे।।
आरती श्री गोपाल जी की कीजे।
अपना जन्म सफल कर लीजे।।
श्री राधावर सुघर कन्हैया।
ब्रज जन का नवनीत खवैया।।
देखत ही मन नयन चुरैया।
अपना सर्वस्व इनको दीजे।।
आरती श्री गोपाल जी की कीजे।
अपना जन्म सफल कर लीजे।।
तोतरे बोल मधुर सुहावे।
सखन संग खेलत सुख पावे।।
सोई सुकृति जो इनको ध्यावे।
अब इनको अपनो कर लीजे।।
आरती श्री गोपाल जी की कीजे।
अपना जन्म सफल कर लीजे।।
लड्डू गोपाल की आरती कब करनी चाहिए
लड्डू गोपाल की आरती सुबह स्नान और श्रृंगार के बाद की जा सकती है। शाम को संध्या पूजा के समय भी आरती करना शुभ माना जाता है। जन्माष्टमी के दिन मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद उनका अभिषेक और श्रृंगार किया जाता है। इसके बाद भोग लगाकर बाल गोपाल की आरती की जाती है।
बाल गोपाल की आरती कैसे करें
आरती से पहले पूजा स्थान को साफ कर लें। यदि संभव हो तो लड्डू गोपाल को स्नान कराकर साफ वस्त्र पहनाएं। उन्हें फूलों की माला, मोरपंख और मुकुट से सजा सकते हैं। इसके बाद चंदन या रोली का तिलक लगाएं।
घी का दीपक जलाएं और बाल गोपाल को माखन-मिश्री, पंजीरी, फल या घर में बनी मिठाई का भोग लगाएं। भोग में तुलसी दल जरूर रखें। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण को तुलसी अत्यंत प्रिय हैं। आरती की थाली को भगवान के सामने घड़ी की दिशा में प्रेम से घुमाएं। आरती पूरी होने के बाद भगवान को प्रणाम करें और प्रसाद बांटें।
लड्डू गोपाल की आरती में क्या रखें
- घी का दीपक
- रुई की बत्ती
- कपूर
- फूल
- रोली या चंदन
- अक्षत
- तुलसी दल
- माखन-मिश्री या मिठाई का भोग
- छोटी घंटी
लड्डू गोपाल की आरती का महत्व
लड्डू गोपाल की सेवा में नियम से अधिक अपनापन जरूरी माना जाता है। कोई भक्त उन्हें पुत्र की तरह प्यार करता है तो कोई अपना मित्र और आराध्य मानता है। आरती करते समय मन कुछ देर के लिए चिंताओं से हटकर भगवान के चरणों में टिक जाता है। आरती के शब्द कान्हा की बाल लीलाओं की याद भी दिलाते हैं।
