अध्यात्म

31 दिसंबर 2024 की शाम तक जरूर कर लें ये काम, घर से बाहर निकाल फेंके ये चीजें

31 December 2024 Ko Kya Kare: आज 31 दिसंबर 2024 तारीख है यानी कि साल का आखिरी दिन। अगर आप नए साल की सकारात्मक शुरुआत करना चाहते हैं तो साल के इस आखिरी दिन में कुछ विशेष काम जरूर करें। इससे आपका नया साल शानदार रहेगा।

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31 December 2024 Ko Kya Kare

31 December 2024 Ko Kya Kare: 2024 का समापन मंगलवार के दिन होने जा रहा है। हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल देवता को समर्पित है। ऐसे में इस दिन मंगल से जुड़ी चीजों जैसे गुड़, लाल मसूर की दाल और लाल कपड़ों का दान जरूर करें। साथ ही पूरे साल में जाने अनजाने में हुई गलतियों की भगवान से क्षमा मांगे। साथ ही भगवान को शुक्रिया कहें जो भी उन्होंने 2024 में आपको दिया है। चलिए आपको बताते हैं 31 दिसंबर को आपको और क्या कुछ करना है जिससे 2025 आपके लिए शुभ रहे।

31 दिसंबर 2024 को क्या करें (32 December 2024 Ko Kya Kare)

-सबसे पहले तो साल 2024 में अगर आपकी वजह से किसी को कष्ट हुआ है तो उसके लिए पाश्चाताप करें। ईश्वर से भी जाने-अनजाने में हुई गलितयों की क्षमा याचना करें।

-आज मंगलवार है इसलिए हनुमान जी की अराधना जरूर करें। हनुमान जी के मंदिर जाएं और उन्हें माला अवश्य चढ़ाएं।

-इसके अलावा आज सुंदर कांड का पाठ करें। साथ ही हनुमान जी के मंत्रों का भी जाप करें।

-गाय को गुड़ खिलाएं।

-आज किसी भी कीमत पर शराब या नॉनवेज का सेवन न करें।

-माता पिता का चरण स्पर्श कर आर्शीवाद लें।

31 दिसंबर को घर से बाहर निकाल दें ये चीजें

31 दिसंबर को घर में जितना भी कूड़ा-कबाड़ पड़ा है उसे बाहर निकाल दें। इस दिन पुराना कैलेंडर भी घर से निकाल दें। अगर कैलेंडर पर भगवान की फोटो बनी है तो उसे पीपल के पेड़ के नीचे रख दें। पुरानी झाड़ू भी हटा दें। टूटे बर्तन और टूटी मूर्तियां भी घर में न रखें।

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Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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