Guru Nakshatra Transit 2026: देवगुरु बृहस्पति 8 अक्टूबर की शाम 7 बजकर 3 मिनट पर अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इस समय गुरु कर्क राशि में मौजूद हैं और ज्योतिष के अनुसार कर्क में गुरु को उच्च का माना जाता है। अश्लेषा नक्षत्र का स्वामी बुध है। ऐसे में गुरु और बुध की एनर्जी का असर भी इस दौरान देखने को मिलेगा। गुरु को ज्ञान, पैसा, करियर, शादी, संतान, एजुकेशन और भाग्य का कारक माना जाता है। वहीं अश्लेषा नक्षत्र का संबंध किसी भी मामले की गहराई तक जाने, चीजों को समझने, सोच-समझकर कदम उठाने और छिपी हुई बातों को पहचानने से जोड़ा जाता है। ऐसे में गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में जाना कई लोगों के लिए पुराने मामलों को समझने और सही फैसला लेने का समय बन सकता है।
इस दौरान अचानक कोई बड़ा फायदा मिलने से ज्यादा सही फैसला, सही सलाह और सही दिशा मिलने के योग बन सकते हैं। किसी पुराने काम में फिर से जान आ सकती है, रुका हुआ पैसा मिल सकता है या करियर को लेकर नई दिशा नजर आ सकती है। आइए जानते हैं कि इस गोचर का असर सभी 12 राशि वालों के लिए कैसा रहने वाला है।
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए गुरु चौथे भाव में रहेंगे। यह भाव घर, फैमिली, मां, प्रॉपर्टी, व्हीकल और मानसिक शांति से जुड़ा है। ऐसे में घर या प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई पुराना काम आगे बढ़ सकता है। घर बदलने, नया घर लेने या घर में कोई बड़ा काम कराने की प्लानिंग बन सकती है। परिवार के किसी बड़े व्यक्ति की सलाह से फायदा मिलेगा। करियर में भी ऐसा बदलाव हो सकता है जिससे आगे चलकर आपकी स्थिति बेहतर हो। हालांकि प्रॉपर्टी या पैसे से जुड़ी किसी भी डील में पेपरवर्क अच्छी तरह जांचना जरूरी रहेगा।
उपाय: गुरुवार को पीली दाल का दान करें और भगवान विष्णु की पूजा करें।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए गुरु तीसरे भाव में रहेंगे। यह भाव कम्युनिकेशन, स्किल, मेहनत, छोटे भाई-बहन और शॉर्ट ट्रैवल से जुड़ा है। इस गोचर में आपकी बातचीत का असर बढ़ सकता है। मीडिया, राइटिंग, सेल्स, मार्केटिंग, डिजिटल और कम्युनिकेशन से जुड़े लोगों को फायदा मिल सकता है। पुराना प्रोजेक्ट दोबारा शुरू हो सकता है। भाई-बहन से जुड़ा कोई मामला भी बेहतर हो सकता है। आपकी कोई पुरानी स्किल आगे चलकर इनकम का नया जरिया बन सकती है।
उपाय: गुरुवार को पीले फल या चने की दाल का दान करें।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए गुरु दूसरे भाव में रहेंगे। यह भाव पैसा, सेविंग, परिवार और वाणी से जुड़ा है। इस दौरान इनकम को बेहतर करने के मौके मिल सकते हैं। सेविंग पर भी ध्यान जाएगा और परिवार से जुड़ा कोई पुराना फाइनेंशियल मामला सुलझ सकता है। बिजनेस या जॉब में नेगोशिएशन करने वालों को फायदा मिल सकता है। आपकी बात को लोग गंभीरता से सुनेंगे। हालांकि किसी को जल्दबाजी में उधार देने या बिना जांचे पैसा लगाने से बचें।
उपाय: गुरुवार को पीली दाल का दान करें और बड़ों का आशीर्वाद लें।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए यह गोचर सबसे खास रहेगा क्योंकि गुरु आपकी ही राशि में हैं। इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ सकता है और कई मामलों में सही फैसला लेने की क्षमता मजबूत होगी। करियर में नई जिम्मेदारी मिल सकती है या कोई नया मौका सामने आ सकता है। लंबे समय से इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिल सकती है। शादी और रिश्तों से जुड़े मामलों में भी चीजें बेहतर हो सकती हैं। अक्टूबर का यह समय अपने ऊपर काम करने और आने वाले समय की प्लानिंग करने के लिए काफी अच्छा रह सकता है।
उपाय: गुरुवार को पीले वस्त्र पहनें और भगवान विष्णु की पूजा करें।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए गुरु बारहवें भाव में रहेंगे। इस वजह से खर्च बढ़ सकता है। विदेश, लंबी यात्रा या दूसरे शहर से जुड़े काम में अवसर मिल सकता है। कुछ लोगों की स्पिरिचुअल चीजों में रुचि बढ़ सकती है। अकेले बैठकर किसी पुराने फैसले पर सोचने का समय भी मिलेगा। हालांकि लग्जरी और अनावश्यक शॉपिंग पर कंट्रोल रखना जरूरी होगा। अगर विदेश या ऑनलाइन इंटरनेशनल काम से जुड़ा कोई मौका मिले तो उसे अच्छी तरह जांचकर आगे बढ़ें।
उपाय: गुरुवार को मंदिर में पीले फूल चढ़ाएं और जरूरतमंद को भोजन कराएं।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए गुरु ग्यारहवें भाव में रहेंगे। यह इनकम, प्रॉफिट, नेटवर्क और इच्छाओं का भाव है। इसलिए इस समय कमाई बढ़ने के मौके बन सकते हैं। पुराने दोस्त, क्लाइंट या बिजनेस कॉन्टैक्ट से फायदा मिल सकता है। प्रमोशन या सैलरी बढ़ने से जुड़ी अच्छी खबर भी मिल सकती है। सबसे खास बात यह है कि आपको यह समझ आने लगेगा कि किन लोगों के साथ जुड़ना आपके लिए फायदेमंद है और किन लोगों से दूरी रखना बेहतर है।
उपाय: गुरुवार को चने की दाल का दान करें और किसी जरूरतमंद विद्यार्थी की मदद करें।
तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए गुरु दसवें भाव में हैं। यह करियर, जॉब, बिजनेस और प्रोफेशनल इमेज का भाव है। ऐसे में करियर में ग्रोथ के अच्छे मौके मिल सकते हैं। कोई बड़ा प्रोजेक्ट मिल सकता है या नई जिम्मेदारी आपके हाथ आ सकती है। बिजनेस में काम बढ़ाने का मौका मिलेगा। सीनियर्स के साथ आपकी बात का असर बढ़ सकता है। हालांकि किसी नए प्रोजेक्ट या बिजनेस डील में सिर्फ भरोसे पर फैसला न लें और जरूरी पेपरवर्क जरूर चेक करें।
उपाय: गुरुवार को हल्दी या पीली दाल का दान करें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरु नवम भाव में रहेंगे। यह भाग्य, पिता, गुरु, हायर एजुकेशन और लंबी यात्रा का भाव है। इस गोचर के दौरान भाग्य का साथ मिल सकता है, खासकर तब जब आप खुद मेहनत कर रहे हों। हायर स्टडी, विदेश, यात्रा या किसी बड़े संस्थान से जुड़ा मौका मिल सकता है। पिता या गुरु जैसे व्यक्ति की सलाह आपके लिए काफी काम की साबित हो सकती है। पुराना अटका काम भी आगे बढ़ सकता है।
उपाय: गुरुवार को पीली मिठाई का दान करें और गुरुजनों का आशीर्वाद लें।
धनु राशि
धनु राशि के स्वामी गुरु हैं और इस समय गुरु आठवें भाव में रहेंगे। इसलिए यह गोचर आपके लिए थोड़ा अलग रहेगा। अचानक होने वाले बदलाव सामने आ सकते हैं। जॉइंट फाइनेंस, टैक्स, इंश्योरेंस या पुराने पैसों से जुड़े मामलों में कोई खबर मिल सकती है। कुछ लोगों को ऐसी बात पता चल सकती है जो काफी समय से सामने नहीं आ रही थी। रिसर्च, एस्ट्रोलॉजी, साइकोलॉजी और डीप स्टडी से जुड़े लोगों के लिए यह समय अच्छा हो सकता है। हालांकि फाइनेंस में बिना सोचे रिस्क लेने से बचें।
उपाय: गुरुवार को हल्दी या चने की दाल दान करें और भगवान विष्णु की पूजा करें।
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए गुरु सातवें भाव में रहेंगे। यह भाव शादी, लाइफ पार्टनर, लव रिलेशन और बिजनेस पार्टनरशिप का है। इस दौरान रिश्तों में समझ बढ़ सकती है। शादी के लिए अच्छा रिश्ता सामने आ सकता है। शादीशुदा लोगों के बीच पुरानी गलतफहमी खत्म हो सकती है। बिजनेस करने वालों को सही पार्टनर मिल सकता है। हालांकि किसी भी नए रिश्ते या पार्टनरशिप में जल्दबाजी से बचना जरूरी रहेगा।
उपाय: गुरुवार को पति-पत्नी साथ मिलकर भगवान विष्णु की पूजा करें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए गुरु छठे भाव में रहेंगे। यह भाव जॉब, कॉम्पिटिशन, कर्ज, हेल्थ और विरोधियों से जुड़ा है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ सकती है, लेकिन इसके साथ आपकी वैल्यू भी बढ़ेगी। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों को फायदा मिल सकता है। पुराना कर्ज कम करने का रास्ता मिल सकता है। ऑफिस में किसी विरोधी की चाल समझने में भी आसानी होगी। इस दौरान हेल्थ को लेकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए और रूटीन ठीक रखना जरूरी रहेगा।
उपाय: गुरुवार को जरूरतमंद को पीली दाल या हल्दी दान करें।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए गुरु पांचवें भाव में रहेंगे। यह लव, संतान, पढ़ाई, क्रिएटिविटी और इन्वेस्टमेंट का भाव है। स्टूडेंट्स के लिए समय अच्छा रह सकता है। पढ़ाई में फोकस बढ़ सकता है। क्रिएटिव काम करने वालों को नया आइडिया मिल सकता है। लव लाइफ में भी पॉजिटिव बदलाव के संकेत हैं। बच्चों से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। इन्वेस्टमेंट में फायदा हो सकता है, लेकिन किसी के कहने पर पैसा लगाने से बचें और पहले पूरी जानकारी लें।
उपाय: गुरुवार को बच्चों या विद्यार्थियों को किताब या पढ़ाई की सामग्री दान करें।
गुरु के अश्लेषा नक्षत्र में जाने से क्या बदलेगा
गुरु जब अश्लेषा नक्षत्र में आते हैं तो फोकस सिर्फ बाहरी सफलता पर नहीं रहता। व्यक्ति को यह समझने का मौका मिलता है कि किसी काम के पीछे असली वजह क्या है और आगे क्या करना चाहिए। यही वजह है कि इस दौरान रिलेशनशिप, फाइनेंस, करियर और फैमिली से जुड़े पुराने मामले फिर चर्चा में आ सकते हैं।
किसी के लिए पुरानी गलती सुधारने का मौका आएगा, तो किसी के लिए पुराना कनेक्शन फायदा देगा। कुछ लोगों को करियर में ऐसी दिशा मिल सकती है जिसके बारे में उन्होंने पहले सोचा भी नहीं था। इस गोचर का फायदा वही लोग ज्यादा उठा पाएंगे जो सिर्फ किस्मत के भरोसे नहीं रहेंगे और सही समय पर सही फैसला लेंगे।
किन राशियों के लिए ज्यादा अच्छा रहेगा समय
ज्योतिष के अनुसार कर्क, कन्या, तुला, वृश्चिक और मीन राशि वालों के लिए यह गोचर ज्यादा अच्छे मौके लेकर आ सकता है। कर्क राशि वालों के लिए पर्सनल ग्रोथ, कन्या के लिए इनकम, तुला के लिए करियर, वृश्चिक के लिए भाग्य और मीन के लिए लव, पढ़ाई और क्रिएटिविटी से जुड़े मामले मजबूत हो सकते हैं। वहीं, सिंह और धनु राशि वालों को खर्च और फाइनेंस के मामले में ज्यादा सावधानी रखनी होगी। बाकी राशियों के लिए भी यह समय पुराने मामलों को सुलझाने और बेहतर प्लानिंग करने का रहेगा।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
