भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत 17 अक्टूबर को नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU), बेंगलुरु के 34वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। विश्वविद्यालय की ओर से आमंत्रित अतिथियों को भेजे गए निमंत्रण में इसकी जानकारी दी गई है। दीक्षांत समारोह 17 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक पैलेस रोड स्थित ज्ञान ज्योति ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। CJI सूर्यकांत NLSIU के चांसलर भी हैं और समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
इससे पहले NLSIU ने 12 सितंबर को होने वाले दीक्षांत समारोह को रद्द कर दिया था। विश्वविद्यालय ने उस समय कहा था कि 'अपरिहार्य परिस्थितियों' के कारण 2026 बैच के लिए दीक्षांत समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा और छात्रों को उनकी डिग्री अनुपस्थिति में प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम रद्द होने के पीछे CJI सूर्यकांत और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की प्रस्तावित मौजूदगी को लेकर छात्रों और पूर्व छात्रों की आपत्ति को प्रमुख कारण माना गया था। NLSIU के 700 से अधिक वर्तमान छात्रों, ग्रेजुएटिंग छात्रों और पूर्व छात्रों ने दोनों के समारोह में शामिल होने पर आपत्ति जताई थी।
NALSAR विवाद के बाद बढ़ा था मामला
यह विवाद हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ में हुए एक अलग विवाद के बाद सामने आया था। वहां भी छात्रों ने दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत की प्रस्तावित मौजूदगी का विरोध किया था। 13 अगस्त को BCI ने NALSAR के ग्रेजुएटिंग बैच के नामांकन पर रोक लगाने के लिए राज्य बार काउंसिलों को निर्देश दिया था। हालांकि, कुछ ही घंटों के भीतर यह निर्देश वापस ले लिया गया।
इसके बाद NLSIU के छात्रों और पूर्व छात्रों ने NALSAR के छात्रों के प्रति समर्थन जताया और BCI की कार्रवाई की आलोचना की। 15 अगस्त को NLSIU समुदाय के 700 से अधिक सदस्यों ने एक बयान पर हस्ताक्षर कर BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा और CJI सूर्यकांत की दीक्षांत समारोह में प्रस्तावित मौजूदगी पर आपत्ति जताई थी।
छात्रों से बातचीत के बाद बनी थी सहमति
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने बाद में NLSIU के छात्रों से मुलाकात कर उनकी चिंताएं सुनी थीं। इसके बाद छात्रों से पूछा गया था कि क्या वे ऐसे दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे, जिसमें CJI मौजूद हों।अधिकांश छात्रों ने CJI की मौजूदगी वाले समारोह में शामिल होने पर सहमति जताई थी, लेकिन इस शर्त के साथ कि BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा समारोह में शामिल नहीं होंगे। हालांकि, बाद में छात्रों से CJI को समारोह के लिए सार्वजनिक रूप से आमंत्रित करने को कहा गया। ग्रेजुएटिंग बैच इस अतिरिक्त मांग पर सहमत नहीं हुआ। इसके बाद 12 सितंबर का दीक्षांत समारोह रद्द कर दिया गया था।
