अध्यात्म

21 February 2025 Panchang: पंचांग से जानिए आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशाशूल और सूर्यास्त समय

21 February 2025 Panchang: आज परम पवित्र फाल्गुन माह की नवमी तिथि, दिन शुक्रवार है। भगवान विष्णु व लक्ष्मी जी के निमित्त व्रत रहें। माता दुर्गा जी की उपासना करें। आज रखे जाने वाला वैभव लक्ष्मी व्रत बहुत ही पुण्यदायी होता है। जान लें आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त।

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21 February 2025 Panchang

21 February 2025 Panchang: आज श्री सूक्त का पाठ करें। फलों व अन्न का दान करें। कनकधारा स्तोत्र के पाठ से सभी कष्ट दूर होते हैं। भगवान विष्णु जी के नाम का मानसिक जप करें। सप्त अन्न दान का पुण्य करें। पीले वस्त्र व धन का दान बहुत ही मंगलमय होता है, इससे कष्ट समाप्त व धन आगमन तथा शुभता का आगमन होता है। ब्रम्ह मुहूर्त में भगवान कृष्ण जी को तुलसी दल अर्पित करने से अखण्ड पुण्य की प्राप्ति होती है। घर के मंदिर में सुगन्धित अगरबत्ती जलाएं। जानिए आज का पूरा पंचांग।

आज का पंचांग 21 फरवरी 2025

संवत---पिङ्गला

विक्रम संवत 2081

माह-फाल्गुन,कृष्ण पक्ष, अष्टमी 11:58 am तक फिर नवमी

पर्व- नवमी

दिवस -शुक्रवार

सूर्योदय-06:57am

सूर्यास्त-6:15pm

नक्षत्र- अनुराधा 03:57 pm तक फिर ज्येष्ठा

चन्द्र राशि - वृश्चिक,स्वामी ग्रह -मङ्गल

सूर्य राशि- कुम्भ,स्वामी ग्रह-शनि

करण- कौलव 11:58 am तक फिर हर्षण

आज के शुभ मुहूर्त, 21 फरवरी 2025

अभिजीत-12:14 pm से 12:55 pm तक

विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:26pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:25pm से 07:22pm तक

ब्रम्ह मुहूर्त-4:03m से 05:09am तक

अमृत काल-06:07am से 07:46am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:42से 12:29तक रात

संध्या पूजन-06:25 pm से 07:03pm तक

दिशा शूल-पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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