Education News Today: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 15 अगस्त को कहा कि शिक्षा को संविधान की समवर्ती सूची से राज्य सूची में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। फोर्ट सेंट जॉर्ज में तिरंगा फहराने के बाद स्वतंत्रता दिवस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उन सभी विषयों को, जिनका लोगों से सीधा जुड़ाव है, संविधान की राज्य सूची में शामिल किया जाना चाहिए।
एनईईटी परीक्षा हो सकती है बंद
स्टालिन ने कहा कि केवल अगर शिक्षा को राज्य विषय में स्थानांतरित कर दिया जाता है, तो राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) जैसी योग्यता परीक्षाओं को खत्म किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने शासन के द्रविड़ मॉडल का पालन करके राज्य के विकास पर भी जोर दिया, जो सभी को समान विकास और अवसर प्रदान करता है।
स्टालिन ने कवि सुब्रमण्यम भारती सहित राज्य के नायकों की यादें ताजा कीं, जिनके लेखन ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जनता को एकजुट करने में मदद की।
55000 रिक्तियों की घोषणा
स्टालिन ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में बड़े स्तर पर नियुक्तियां किए जाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा विभिन्न सरकारी विभागों में लगभग 55,000 रिक्तियां (Sarkari Naukri 2023) भरी जाएंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि द्रमुक के तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्रियों सी.एन. अन्नादुराई और कलैग्नार करुणानिधि ने पाकिस्तान के साथ 1971 के युद्ध सहित आपात स्थितियों के दौरान हमेशा केंद्र सरकार का समर्थन किया।
