80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए नक्सलवाद और माओवाद को समाज के लिए एक बड़ा अभिशाप बताया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जंगलों में हथियारबंद नक्सलियों का सफाया करने में बड़ी सफलता मिली है। हालांकि, उन्होंने देश को आगाह किया कि अब 'दिमागी नक्सल' से सतर्क रहने की जरूरत है, जो समाज में हिंसा और अराजकता फैलाने के मौके तलाश रहे हैं।
प्रधानमंत्री का यह बयान सामने आते ही देश का राजनीतिक पारा चढ़ गया। पहले तो पूर्व वित्त और गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि उन्हें 'दिमागी नक्सल होने पर गर्व है'। अब इसके बाद पीडीपी चीफ और जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने भी खुद को 'दिमागी नक्सल' कहा। उन्होंने अनुच्छेद 370 का खुलकर समर्थन किया।
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रविशंकर प्रसाद ने चिदंबरम के बयान की निंदा की
चिदंबरम के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चिदंबरम के बयान को बेहद शर्मनाक, अशोभनीय और घटिया करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि देश के गृह मंत्री रह चुके व्यक्ति से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता के लालच में माओवादी विचारधारा को बौद्धिक संरक्षण दे रही है।
किरेन रिजिजू क्या बोले?
मामले को शांत करने और स्थिति स्पष्ट करने के उद्देश्य से केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सामने आकर प्रधानमंत्री के बयान की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने पूरे विपक्ष को 'दिमागी नक्सल' नहीं कहा है। उन्होंने 4 बिंदू रेखांकित करते हुए बताया कि दिमागी नक्सल केवल वे लोग हैं जो माओवादियों का समर्थन करते हैं और संविधान को खारिज करते हैं। जो अलगाववादियों के साथ खड़े हैं और अनुच्छेद 370 की वकालत करते हैं तथा जो देश की अखंडता के खिलाफ सोचने की मानसिकता रखते हैं।
उधर, बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी के कथित व्यवहार को लेकर भी कांग्रेस पर हमला बोला और इसे इसी मानसिकता का हिस्सा बताया। फिलहाल, इस पूरे विवाद ने यह साबित कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा, माओवाद और देश की आंतरिक व्यवस्था को लेकर भारतीय राजनीति में मतभेद बहुत गहरे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर वार-पलटवार का यह सिलसिला और तेज होने के पूरे आसार हैं।
