Career after 12th Commerce: 12वीं की पढ़ाई कॉमर्स से करने वाले छात्र आगे की पढ़ाई के लिए कोर्स का चुनाव करने में काफी उलझन महसूस करते हैं। कॉमर्स के ज्यादातर छात्र अपने लिए अकाउंट्स और फाइनेंस को ही बेहतर विकल्प मानते हैं और इसी से रिलेटेड कोर्स करते हैं। हालांकि ऐसा नहीं है। कामर्स के छात्रों के लिए कई बेहतर विकल्प मौजूद हैं। इसलिए अगर आप 12वीं पास कर ग्रेजुएशन करने जा रहे हैं तो पहले सभी करियर ऑप्शन को जान-समझ लें, उसके बाद अपने लिए बेस्ट कोर्स का चुनाव करें। यहां हम आपको 8 ऐसे करियर ऑप्शन बता रहे हैं, जो कॉमर्स बैकग्राउंड स्टूडेंट्स के लिए बेहतर हैं।
बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ
कॉमर्स के छात्रों के लिए बीएलएल करना भी एक बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें आप डिग्री प्राप्त करने के बाद लॉयर बन सकते हैं। यह आपके सब्जेक्ट्स पर निर्भर होगा कि आप फैमिली लॉयर, प्रॉपर्टी लॉयर या कंपनी लॉयर बनना चाहते हैं।
चार्टर्ड अकाउंटेंट
सीए यानी चार्टर्ड अकाउंटेंट का कोर्स कॉमर्स छात्रों के बीच काफी पसंद किया जाता है। हालांकि इस कोर्स में एडमिशन के लिए आपको काफी कॉम्पिटिशन मिलता है और कई सारे एग्जाम क्लियर करने के बाद एजुकेशन मिलती है। इसे अन्य बैचलर कोर्स की तुलना में सबसे मुश्किल माना जाता है, लेकिन करियर के लिए यह शानदार ऑप्शन है।
बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन
छात्र अगर बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में जाना चाहते हैं तो वे बीबीए कर सकते हैं। इस तीन साल के ग्रेजुएशन कोर्स को कॉमर्स बैकग्राउंड के छात्र काफी पसंद करते हैं। इसमें आपको बिजनेस संबंधी सारी पढ़ाई कराई जाती है और शुरू से ही कॉर्पोरेट ऑपरेशन संबंधी सब कुछ सीखने को मिलता है।
कंपनी सेक्रेटरी
यह कोर्स भी एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़ा हुआ है, जो इंस्टिट्यूट कंपनी सेक्रेट्री ऑफ इंडिया द्वारा कराया जाता है। कई कॉमर्स बैकग्राउंड के स्टूडेंट्स इसे चुनना पसंद करते हैं, लेकिन इसमें भी सीए की तरह काफी मुश्किल एंट्रेंस एग्जाम दिए जाते हैं।
बैचलर ऑफ इकोनॉमिक्स
यह 3 साल की डिग्री कोर्स है। इसमें छात्रों को इकोनॉमिक्स फाइनेंस और एनालिटिकल मेथड्स के बारे में पढ़ाया जाता है। जिन विद्यार्थियों को इकोनॉमिक्स में रुचि होती है, उन्हें बैचलर ऑफ इकोनॉमिक्स करना चाहिए। इसमें आप माइक्रो-इकोनॉमिक्स और मैक्रो-इकोनॉमिक्स को डीप में पढ़कर फाइनेंस के क्षेत्र में जा सकते हैं।
बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज
मैनेजमेंट के क्षेत्र में जाने की सोच रहे छात्रों के लिए बैचलर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज करना अच्छा रहेगा। इसमें मैनेजिंग स्किल्स और लीडरशिप के बारे में अच्छी तरह पढ़ाया जाता है। इतना ही नहीं, इसमें ह्यूमन रिसोर्स, रिसर्च मेथड के बारे में भी पढ़ाया जाता है।
सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर
अगर आप फाइनेंशियल क्षेत्र में जाना चाहता हैं तो आप सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर कर सकते हैं। इसमें पर्सनल फाइनेंस, वेल्थ मैनेजमेंट, इंश्योरेंस प्लानिंग जैसी पढ़ाई कराई जाती है। इसे सीएफपी भी कहते हैं, इसमें फाइनेंस से जुड़ी डीपली जानकारी दी जाती है।
कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट
किसी छात्र को अगर मैनेजमेंट अकाउंटिंग, कमर्शियल फंडामेंटल और इंडस्ट्रियल लॉ के बारे में पढ़ना है, तो वह कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट चुन सकता है। इसमें फाइनेंस और मैनेजमेंट दोनों की पढ़ाई कराई जाती है और कोर्स पूरा होने के बाद मैनेजमेंट के क्षेत्र में जॉब मिलती है।

