Interesting Facts: जब अलार्म क्लॉक नहीं था तब सुबह जल्दी कैसे उठते थे लोग, तरीका जान हो जाएंगे हैरान

आज सुबह उठने के लिए हमारे पास ढेर सारे तरीके हैं, मगर क्या आप जानते हैं कि पहले के जमाने में जब अलार्म क्लॉक नहीं हुआ करते थे तो लोग सुबह कैसे उठते थे? हो सकता है कि आपको शायद इनमें से कुछ तरीके मालूम हो मगर जिन लोगों को इस बारे में नहीं मालूम वे आज जरूर जान लें।

Authored by: पंकज यादवUpdated May 1 2026, 13:52 IST
अलार्म क्लॉक का बदलता हुआ दौरImage Credit : Gemini AI Generated Images/iStock01 / 07

अलार्म क्लॉक का बदलता हुआ दौर

बदलते समय के साथ लोगों का लाइफ स्टाइल भी बदल चुका है। अगर आप आज के समय की तुलना पहले से करेंगे तो आप देखेंगे कि आज के समय में लोगों के जीवन में बहुत सारे बदलाव आ चुकें हैं। इसी बदलाव में शामिल है अलार्म क्लॉक का बदलता हुआ दौर। आज हमलोग सुबह जल्दी उठने के लिए अलार्म क्लॉक का इस्तेमाल करते हैं। लोग अलार्म क्लॉक की मदद से सुबह जल्दी उठते हैं।

सुबह उठने के लिए आज लोग करते हैं अलार्म क्लॉक का इस्तेमाल Image Credit : Gemini AI Generated Images/iStock02 / 07

सुबह उठने के लिए आज लोग करते हैं अलार्म क्लॉक का इस्तेमाल

ऐसे में आज के समय में लोग अलार्म लगाने के लिए या तो अलार्म क्लॉक का इस्तेमाल करते हैं या फिर ये सुविधा उनके मोबाइल फोन में भी होती है। जहां लोग अलार्म लगाकर सो जाते हैं और फोन या घड़ी के रिंग होने पर सुबह जल्दी उठ जाते हैं। मोबाइल और अलार्म क्लॉक की सुविधा ऐसी है कि आप इसमें अपने मन मुताबिक तय समय पर अलार्म लगा सकते हैं।

अलॉर्म क्लॉक के आने से पहले लोग सुबह जल्दी कैसे उठते थे?Image Credit : Gemini AI Generated Images/iStock03 / 07

अलॉर्म क्लॉक के आने से पहले लोग सुबह जल्दी कैसे उठते थे?

मगर क्या आपको पता है कि पहले के जमाने में जब अलार्म क्लॉक नहीं हुआ करते थे तो लोग सुबह कैसे जल्दी उठते थे। आज हम आपको इसी बदलाव के बारे में आपको विस्तार से बताएंगे। दरअसल, पहले के लोग सुबह जल्दी उठने के लिए अलार्म क्लॉक की जगह कई तरह के तरीकों का इस्तेमाल करते थे।

सुबह जल्दी उठाने के लिए लोग हायर करते थे बंदेImage Credit : Gemini AI Generated Images/iStock04 / 07

सुबह जल्दी उठाने के लिए लोग हायर करते थे बंदे

उनमें से एक तरीका था 'नॉकर-अपर्स' को हायर करना। अब आप सोच रहे होंगे कि ये 'नॉकर-अपर्स' कौन होते थे और इनका क्या काम होता था? तो चलिए आपको बता दें कि ये 'नॉकर-अपर्स' वे लोग होते थे, जो दूसरों को सुबह जल्दी उठाने का काम करते थे। लोग इन्हें कुछ पैसे देकर हायर करते थे, फिर ये लोग जिनको जल्दी सुबह उठना होता था, उनकी खिड़कियों पर जाकर दस्तक देते थे, ताकि वे जाग सकें।

मोमबत्ती और कील के इस्तेमाल से भी बनाए जाते थे अलार्म क्लॉकImage Credit : Gemini AI Generated Images/iStock05 / 07

मोमबत्ती और कील के इस्तेमाल से भी बनाए जाते थे अलार्म क्लॉक

इसके अलावा पहले के समय में सुबह अलार्म क्लॉक के लिए लोग एक और तरीके का इस्तेमाल करते थे। इसमें लोग एक स्टील के प्लेट में बड़ी सी मोमबत्ती जलाकर उसमें जगह-जगह पर कील धंसाकर छोड़ देते थे। जब ये मोमबत्ती पिघलकर उस कील तक पहुंचती थी तब ये कील उस स्टील के प्लेट में गिर जाते थे। जिससे आवाज होती थी और लोग एक तय समय पर उठ जाते थे।

मुर्गे की बांग सुनकर सुबह जल्दी उठनाImage Credit : Gemini AI Generated Images/iStock06 / 07

मुर्गे की बांग सुनकर सुबह जल्दी उठना

प्राचीन समय में सुबह उठने के लिए लोगों के पास एक और अच्छा विकल्प हुआ करता था और वह था मुर्गे की बांग सुनकर उठना। जब सुबह मुर्गा बांग देता था तो लोग उसकी बांग को सुनकर उठ जाते थे।

रात में ज्यादा पानी पीकर सोनाImage Credit : Gemini AI Generated Images/iStock07 / 07

रात में ज्यादा पानी पीकर सोना

इसके अलावा लोग सुबह जल्दी उठने के लिए एक और तरीके को अपनाते थे। जिसमें वे रात को सोने से पहले खूब पानी पीकर सोते थे। ताकि सुबह टॉयलेट के प्रेशर से उनकी नींद जल्दी खुल जाए।

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