मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत मामले में दिल्ली एम्स ने बड़ा दावा किया है। दिल्ली एम्स ने बताया है कि ट्विशा की मौत आत्महत्या के कारण हुई थी। दिल्ली एम्स ने इस मामले में अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ट्विशा के शरीर की जांच के दौरान कोई भी ऐसी चोट नहीं मिली, जिससे हमले या संघर्ष का कोई कारण मिलता हो। बता दें कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद दिल्ली एम्स के पांच सदस्यीय विशेषज्ञों ने दोबारा पोस्टमॉर्टम किया था। इसके बाद अब उन्होंने अपने नतीजों के साथ 11 पन्नों की अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी है।
इसके बाद सीबीआई ने बीते दिन भोपाल की विशेष अदालत में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। इसमें दोनों पर ट्विशा को कथित तौर पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप हैं।
सैकड़ों पन्नों के दस्तावेजों और अनुलग्नकों के साथ दाखिल 31 पन्नों के आरोपपत्र में सीबीआई ने ट्विशा और समर्थ की शादी के छह महीनों के दौरान कथित मानसिक प्रताड़ना का विस्तार से उल्लेख किया है। एजेंसी ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की महिला के साथ क्रूरता, आत्महत्या के लिए उकसाने और साझा इरादे से संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।
बता दें कि ट्विशा शर्मा की शादी पिछले साल दिसंबर में समर्थ सिंह से हुई थी। वह 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं। प्राथमिकी के अनुसार, समर्थ उन्हें एम्स भोपाल लेकर गया था और दावा किया था कि ट्विशा ने रात करीब 10:20 बजे घर में फांसी लगा ली थी। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और मामले में मेडिको-लीगल केस दर्ज किया गया।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने दिया था दोबारा पोस्टमार्टम का आदेश
मृतका के परिवार ने शुरुआती पुलिस जांच और एम्स भोपाल में हुए पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठाए थे। इसके बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर दूसरा पोस्टमॉर्टम कराया गया और मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई ने जांच के दौरान समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार भी किया।
फिर 24 मई को भोपाल में एम्स दिल्ली की चार सदस्यीय टीम ने दूसरा पोस्टमॉर्टम किया था। इसके बाद एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों के मेडिकल बोर्ड ने भी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की समीक्षा की और आत्महत्या की राय से सहमति जताई।
अब सीबीआई के आरोपपत्र के अनुसार, मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ट्विशा की मौत दम घुटने से हुई, जो फंदे से लटकने के कारण हुआ। बोर्ड के मुताबिक, फांसी आत्महत्या के इरादे से लगाई गई थी और इसके लिए रिंग वाली जिम्नास्टिक बेल्ट का इस्तेमाल किया गया था। मेडिकल रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्विशा के शरीर पर ऐसा कोई चोट का निशान नहीं मिला, जिससे मौत से पहले मारपीट, हाथापाई या संघर्ष की आशंका जताई जा सके।
10 जुलाई को दी थी सीबीआई को रिपोर्ट
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश पर गठित पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने 10 जुलाई को सीबीआई को अपनी 11 पन्नों की अंतिम मेडिकल राय सौंपी थी। बोर्ड ने साफ कहा कि उपलब्ध मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ट्विशा शर्मा की मौत आत्महत्या के कारण हुई थी और शरीर पर कानूनी रूप से महत्वपूर्ण ऐसी कोई चोट नहीं मिली, जो संघर्ष या हाथापाई की ओर इशारा करती हो।
सीबीआई के आरोपपत्र में क्या?
हालांकि, सीबीआई के आरोपपत्र में पति और सास पर ट्विशा को कथित तौर पर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। एजेंसी का आरोप है कि इसी कथित मानसिक उत्पीड़न ने त्विषा को यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई विशेष अदालत में होगी।
