उत्तराखंड राज्य के बागेश्वर जिले में स्थित कौसानी प्राकृतिक छटा और हिमालय के खूबसूरत दृश्यों के लिए फेमस है। बेहद खूबसूरत होने की वजह से ये हिल स्टेशन मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से भी जाना जाता है।
1929 में कुमाऊं की यात्रा के दौरान महात्मा गांधी ने कौसानी के अनासक्ति आश्रम में 12 दिन बिताए थे। इस हिल स्टेशन की खूबसूरती से प्रभावित होकर महात्मा गांधी ने इसे भारत का स्विट्जरलैंड कहा था।
अनाशक्ति आश्रम, बैजनाथ मंदिर, कौसानी टी एस्टेट, पिनाथ मंदिर और रुद्रधारी जलप्रपात इस हिल स्टेशन के प्रमुख आकर्षण हैं। गुफाओं का दौरा भी आप अपनी बकेटलिस्ट में शामिल कर सकते हैं।
कौसानी की यात्रा आपके बजट ट्रिप में आएगी क्योंकि यहां आपको बड़े ही आराम से ₹800–₹1500/रात के खर्चे पर स्टे के ऑपशन मिल जाएंगे। भट्ट की चुरकानी, आलू के गुटके, मडुए की रोटी यहां लोग बड़े चाव से खाते हैं।
गर्मी के सीजन में पहाड़ों की ठंडी राहत पाने के लिए अप्रैल से जून तक का समय सबसे उपयुक्त है। स्थानीय संस्कृति का अनुभव करने के साथ ही आप यहां ट्रैकिंग और कैम्पिंग का आनंद ले सकते हैं।
यहां पहुंचने के लिए नैनीताल, अल्मोड़ा या फिर रानीखेत से अच्छी रोड कनेक्टिविटी है ऐसे में सड़क मार्ग के जरिए यात्रा की जा सकती है। इस हिल स्टेशन के निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम (लगभग 135 किमी) है।