अंधाधुंध कमाई की तैयारी कर लें ये 5 राशियां, शनि की चाल करने वाली है मालामाल

Shani Nakshatra Gochar 2026: न्यायाधीश शनि मीन राशि में रहते हुए रेवती नक्षत्र के प्रथम पद में जा रहे हैं। इससे कुछ राशि वालों को बंपर लाभ मिलना तय है। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों इससे लाभ होगा।

Authored by: Mohit TiwariUpdated Aug 16 2026, 14:31 IST
शनि बदलेंगे चाल01 / 08

शनि बदलेंगे चाल

Shani Nakshatra Gochar 2026: 20 अगस्त 2026 की शाम 7 बजकर 45 मिनट पर शनि रेवती नक्षत्र के पहले चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं। शनि इस समय मीन राशि में वक्री अवस्था में हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 20 अगस्त को शनि रेवती के पहले चरण में लौटेंगे और करीब डेढ़ महीने बाद 9 अक्टूबर को वक्री गति से उत्तराभाद्रपद के चौथे चरण में वापस जाएंगे। रेवती नक्षत्र 27वां और अंतिम नक्षत्र है। इसका स्वामी बुध है और यह पूरी तरह मीन राशि में स्थित है। रेवती के देवता पूषा माने जाते हैं, जिन्हें मार्गदर्शन, पोषण और यात्रियों की रक्षा से जोड़ा जाता है। नक्षत्र का स्वभाव मृदु और मैत्रीपूर्ण माना गया है। यहां सबसे दिलचस्प बात यह है कि शनि और बुध की प्रकृति एक जैसी नहीं है। शनि मेहनत, अनुशासन, जिम्मेदारी, देरी और स्थायी परिणाम के कारक हैं, जबकि बुध बुद्धि, व्यापार, गणना, संचार और रणनीति का प्रतिनिधित्व करते हैं। शनि जब बुध के नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तो काम करने का तरीका ज्यादा रणनीतिक और व्यावहारिक हो सकता है। मीन राशि गुरु की राशि है। ऐसे में इस पूरे गोचर में शनि के अनुशासन पर बुध की रणनीति और गुरु की व्यापक सोच, तीनों का प्रभाव दिखाई देगा। वक्री शनि होने के कारण पुराने मामलों की दोबारा समीक्षा, अटके हुए कामों पर लौटना और पहले लिए गए फैसलों में सुधार की स्थिति भी बन सकती है। आइए जानते हैं कि शनि का रेवती नक्षत्र में जाना किन राशि वालों को लाभ देगा।

​वृषभ राशि​02 / 08

​वृषभ राशि​

वृषभ राशि के लिए शनि सबसे महत्वपूर्ण ग्रहों में से एक हैं। शनि आपके नवम और दशम भाव के स्वामी होकर योगकारक बनते हैं। अब यही शनि मीन राशि में आपके ग्यारहवें भाव में जा रहे हैं। ग्यारहवां भाव आय, लाभ, नेटवर्क, बड़े संपर्क और इच्छापूर्ति का भाव है। योगकारक शनि का इस भाव में होना अपने आप में मजबूत स्थिति है। रेवती नक्षत्र में पहुंचने के बाद इस लाभ को बुध की रणनीतिक ऊर्जा भी मिलेगी। नौकरी में लंबे समय से रुका प्रमोशन आगे बढ़ सकता है। नई जिम्मेदारी के साथ आय बढ़ने का रास्ता बन सकता है। बिजनेस करने वालों को बड़े क्लाइंट, संस्थागत काम या पुराने संपर्कों से फायदा मिल सकता है। शनि की प्रकृति यहां एक और महत्वपूर्ण संदेश देती है। फायदा तेजी से मिलने के बजाय धीरे-धीरे लेकिन टिकाऊ तरीके से बनने की संभावना ज्यादा है। वक्री अवस्था पुराने संपर्कों या पहले अटके प्रोजेक्ट को दोबारा सक्रिय कर सकती है। रेवती का संबंध यात्रा और मार्गदर्शन से भी है। दूर स्थान, विदेशी संपर्क, ऑनलाइन नेटवर्क या बड़े संगठनों के जरिए मिलने वाला लाभ भी महत्वपूर्ण रह सकता है। वृषभ राशि के लिए यह गोचर करियर, इनकम और नेटवर्क के लिहाज से सबसे मजबूत स्थितियों में से एक है।

​मिथुन राशि​03 / 08

​मिथुन राशि​

मिथुन राशि के लिए शनि आठवें और नवम भाव के स्वामी हैं और मीन राशि में दशम भाव में स्थित हैं। यहां सबसे अहम बात नवमेश शनि का कर्म भाव में आना है। नवम भाव भाग्य, गुरु, उच्च ज्ञान और अवसरों का है, जबकि दशम भाव करियर और प्रतिष्ठा का। दोनों का यह संबंध प्रोफेशनल लाइफ में भाग्य के सपोर्ट का संकेत देता है। शनि रेवती नक्षत्र में आने के बाद करियर में केवल मेहनत नहीं, बल्कि रणनीतिक सोच की जरूरत बढ़ाएंगे। ऑफिस में किसी जटिल मामले को संभालने, बड़ी जिम्मेदारी लेने या लंबे समय से चल रहे प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने का अवसर मिल सकता है। मीडिया, कम्युनिकेशन, टेक्नोलॉजी, रिसर्च, मैनेजमेंट और कंसल्टिंग से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। किसी पुराने करियर फैसले की समीक्षा भी हो सकती है। वक्री शनि की वजह से पिछली नौकरी, पुराना प्रोजेक्ट या अटका हुआ प्रमोशन फिर चर्चा में आ सकता है। आठवें भाव के स्वामी होने के कारण बदलाव अचानक नहीं बल्कि किसी लंबे प्रोसेस के बाद आएगा। जो अवसर मिलेगा उसमें जिम्मेदारी भी होगी। मिथुन राशि के लिए यह गोचर करियर में स्थायी बदलाव और प्रोफेशनल पहचान बनाने वाला साबित हो सकता है।

​तुला राशि​04 / 08

​तुला राशि​

तुला राशि के लिए शनि चौथे और पांचवें भाव के स्वामी होकर योगकारक ग्रह बनते हैं। मीन राशि में शनि छठे भाव में गोचर कर रहे हैं। छठा भाव प्रतियोगिता, नौकरी, विरोधियों, कर्ज और विवाद से जुड़ा है। योगकारक शनि का छठे भाव में होना प्रतिद्वंद्वियों के सामने धीरे-धीरे मजबूत स्थिति बनाने का संकेत दे सकता है। सरकारी नौकरी, प्रतियोगी परीक्षा या ऐसी प्रोफेशनल फील्ड जहां लगातार प्रतिस्पर्धा रहती है, वहां मेहनत का फायदा मिल सकता है। ऑफिस में किसी विरोधी की रणनीति को समझकर उससे आगे निकलने का अवसर मिलेगा। पांचवें भाव के स्वामी होने के कारण शिक्षा और बुद्धि का पक्ष भी मजबूत रहेगा। स्टूडेंट्स कठिन विषयों को व्यवस्थित तरीके से पढ़ सकते हैं। लंबे समय से चल रही परीक्षा की तैयारी में अनुशासन बढ़ेगा। रेवती नक्षत्र की वजह से किसी समस्या का सीधा सामना करने के बजाय उसे रणनीति से हल करने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। तुला राशि के लिए यह गोचर प्रतियोगिता, नौकरी, शिक्षा और रुके हुए मामलों को अपने पक्ष में करने की क्षमता बढ़ा सकता है।

​मकर राशि​05 / 08

​मकर राशि​

मकर राशि के लिए शनि स्वयं लग्न और दूसरे भाव के स्वामी हैं। मीन राशि आपके तीसरे भाव में आती है। तीसरा भाव पराक्रम, प्रयास, कम्युनिकेशन, लेखन, छोटी यात्राओं और अपनी स्किल के दम पर आगे बढ़ने का भाव है। लग्नेश का इस भाव में होना व्यक्ति को अपनी क्षमता के दम पर परिणाम हासिल करने की दिशा में ले जाता है। रेवती बुध का नक्षत्र है। मकर राशि के लिए इसका असर कम्युनिकेशन और स्किल के क्षेत्र में विशेष रूप से दिखाई दे सकता है। लिखने, बोलने, बातचीत, मार्केटिंग, डिजिटल काम या किसी तकनीकी स्किल के जरिए फायदा हो सकता है।बिजनेस करने वालों को खुद नेटवर्क बनाने और लोगों से संपर्क बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी। नौकरी में भी सीनियर्स का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए केवल मेहनत नहीं, बल्कि सही तरीके से अपनी उपलब्धियां प्रस्तुत करना जरूरी होगा। वक्री शनि पुराने कामों की तरफ वापस ले जा सकता है। कोई छोड़ा हुआ प्रोजेक्ट फिर शुरू हो सकता है। पुराना संपर्क फिर से उपयोगी साबित हो सकता है। मकर राशि के लिए यह गोचर खुद के प्रयास से उपलब्धि हासिल करने और अपनी प्रोफेशनल वैल्यू बढ़ाने वाला रह सकता है।

​कुंभ राशि​06 / 08

​कुंभ राशि​

कुंभ राशि के लिए शनि लग्न और द्वादश भाव के स्वामी हैं। मीन राशि में शनि आपके दूसरे भाव में स्थित हैं। दूसरा भाव धन, बचत, परिवार और वाणी का है। लग्नेश का यहां आना आर्थिक मामलों को सीधे व्यक्ति की प्राथमिकताओं से जोड़ देता है। रेवती नक्षत्र में शनि आपको पैसों के मामलों में ज्यादा व्यवस्थित बना सकते हैं। फिजूलखर्ची कम करने, सेविंग्स बढ़ाने और पुराने वित्तीय फैसलों की समीक्षा करने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। कमाई के मामले में अचानक बड़ा उछाल देने के बजाय यह गोचर आर्थिक ढांचा मजबूत करने का काम कर सकता है। परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, मगर उन्हीं जिम्मेदारियों को व्यवस्थित तरीके से संभालने की क्षमता भी बढ़ेगी। वाणी में गंभीरता आएगी। बातचीत कम होगी, लेकिन कही गई बात का वजन बढ़ सकता है। बिजनेस करने वालों के लिए यह स्थिति बातचीत और वित्तीय समझ के स्तर पर उपयोगी रहेगी। द्वादशेश होने के कारण विदेश, दूर स्थान या खर्च से जुड़े मामले भी साथ चलेंगे। सही वित्तीय प्लानिंग रखी जाए तो खर्च को निवेश में बदला जा सकता है। कुंभ राशि के लिए यह गोचर धन प्रबंधन, परिवार और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा पर मजबूत पकड़ बनाने वाला रह सकता है।

​बाकी राशियों के लिए कैसा रहेगा शनि का यह बदलाव​07 / 08

​बाकी राशियों के लिए कैसा रहेगा शनि का यह बदलाव​

मेष राशि के लिए शनि 11वें और 12वें भाव के स्वामी हैं और मीन 12वां भाव है। विदेश, खर्च और दूर स्थान के मामलों में गतिविधि बढ़ सकती है। विदेशी स्रोत से अवसर मिल सकता है, मगर खर्च और बचत का संतुलन जरूरी रहेगा। कर्क राशि के लिए शनि सातवें और आठवें भाव के स्वामी होकर नवम भाव में हैं। बिजनेस पार्टनरशिप, विवाह और विदेश यात्रा से जुड़े मामलों में बदलाव हो सकता है। बड़े फैसले पूरी जानकारी के साथ लेना बेहतर रहेगा। सिंह राशि के लिए शनि छठे और सातवें भाव के स्वामी होकर आठवें भाव में हैं। रिश्तों, साझा धन और करियर में अप्रत्याशित परिस्थितियां आ सकती हैं। वित्तीय दस्तावेजों में सावधानी जरूरी होगी। कन्या राशि में शनि पांचवें और छठे भाव के स्वामी होकर सातवें में हैं। विवाह और बिजनेस पार्टनरशिप महत्वपूर्ण रहेंगे। रिश्ते में स्थिरता के लिए स्पष्ट संवाद जरूरी होगा। वृश्चिक राशि में शनि तीसरे और चौथे भाव के स्वामी होकर पांचवें में हैं। शिक्षा, संतान और क्रिएटिव काम में गंभीरता बढ़ेगी। परिणाम देर से मिलने की संभावना है, मगर मेहनत बेकार नहीं जाएगी। धनु राशि में शनि दूसरे और तीसरे भाव के स्वामी होकर चौथे में हैं। परिवार, धन, घर और प्रॉपर्टी के मामलों में जिम्मेदारी बढ़ सकती है। खर्च और घरेलू फैसलों को संतुलित रखना जरूरी रहेगा। मीन राशि में शनि 11वें और 12वें भाव के स्वामी होकर स्वयं लग्न में हैं। व्यक्तित्व, स्वास्थ्य, भविष्य की दिशा और आर्थिक योजनाओं को लेकर गंभीरता बढ़ेगी। जीवन में क्या रखना है और किस चीज को छोड़ना है, इस तरह के फैसले सामने आ सकते हैं।

​​<strong>डिसक्लेमर</strong>​08 / 08

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यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।​

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